Select Date:

किताबों में किस तरह किया जाता है बदलाव? सिफारिश से लेकर संशोधन तक जानें सबकुछ

Updated on 01-05-2023 06:47 PM
नई दिल्ली : शैक्षणिक सत्र 2023 के लिए लागू की गई नैशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की किताबों को लेकर कई तरह के विवाद सामने आए हैं। इतिहास की किताबों से कुछ अंशों को हटाया गया है। 12वीं किताब से मुगलों और 11वीं से उपनिवेशवाद से संबंधित कुछ अंश को हटाया गया है। करीब 250 इतिहासकारों ने स्कूली किताबों में किए गए बदलावों पर नाखुशी जाहिर की है। राजनीतिक विरोध भी सामने आया है। NCERT बदलावों को छात्रों पर बोझ को कम करने से जोड़ रहा है, तो विरोध करने वाले सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर किताबों में बदलाव क्यों किया जा रहा है? राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 2024 से नई किताबें आनी हैं तो किताबों में बदलाव की प्रक्रिया क्यों शुरू की गई?

बदलावों की सिफारिश

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू होने के बाद केंद्र सरकार ने नैशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) यानी राष्ट्रीय पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए इसरो के पूर्व चेयरमैन के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय संचालन समिति बनाई। समिति ने ड्राफ्ट सरकार को सौंप दिया है। समिति ने स्कूली शिक्षा में बड़े बदलावों की सिफारिश की है। समिति की रिपोर्ट के आधार पर सिलेबस तैयार किया जाएगा और नई किताबों को लाने की प्रक्रिया शुरू होगी। नई शिक्षा नीति के आधार पर 2024 के नए शैक्षणिक सत्र में स्कूली बच्चे NCERT की नई किताबों से पढ़ाई करेंगे। इन किताबों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार किया जाएगा।

नई किताबों से पहले बदलाव क्यों?

NCERT की किताबों में बदलाव के लिए हर कोर्स के लिए विशेषज्ञ समिति बनाई जाती है। इस समय किताबों को लेकर जो विवाद चल रहा है, उसे विशेषज्ञ कमिटी की सिफारिशों से जोड़कर देखा जा रहा है। NCERT का कहना है कि कोविड के बाद छात्रों पर बोझ कम करने के मकसद के साथ एक्सपर्ट कमिटी की सिफारिशों के बाद ही कुछ हिस्सों को हटाया गया है। कोविड के दौरान बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित रही थी और यह महसूस किया गया कि किताबों का बोझ कम किया जाना चाहिए।

पहले भी NCF में हो चुका है संशोधन

NCF को अभी तक चार बार 1975, 1988, 2000 और 2005 में संशोधित किया जा चुका है। पिछली शिक्षा नीति 1986 में बनाई गई थी। 1992 में केवल एक बार नीति की समीक्षा की गई थी। NCERT की कार्यकारिणी ने जुलाई 2004 की बैठकों में NCF को संशोधित करने का फैसला किया। उस समय प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में राष्ट्रीय संचालन समिति और 21 राष्ट्रीय फोकस समूहों का गठन किया गया और किताबों में संशोधन की प्रक्रिया शुरू हुई। विशेषज्ञ कहते हैं कि केंद्र में जिस राजनीतिक दल की सरकार होती है, वह किताबों में बदलाव की प्रक्रिया शुरू करती है। 2005 में NCERT सिलेबस में बड़े बदलाव हुए और NCF 2005 पेश की गई। 2017 में NCERT ने 182 किताबों और विषयों को अपडेट किया। स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया समेत कई टॉपिक्स को जोड़ा गया। भारतीय संस्कृति से जुड़े विषयों पर फोकस किया गया। जाने-माने शिक्षाविद् डॉ. एस. के. गर्ग कहते हैं कि ऐसे महान भारतीय शासक हुए हैं, जिनके बारे में छात्रों को जानकारी नहीं है। दक्षिण में बहुत से महान भारतीय शासक हुए हैं। नई शिक्षा नीति में भारतीय सभ्यता, संस्कृति को बढ़ावा देते हुए किताबों में जरूरी बदलाव किए जाने की सिफारिश की गई है और वर्तमान पीढ़ी को इसकी जानकारी होनी ही चाहिए।

सिलेबस कम

NCERT का सवाल है कि केवल मुगल इतिहास की ही बात क्यों की जा रही है, गणित, विज्ञान, भूगोल समेत सभी विषयों में कंटेंट को कम किया गया है। अब नई किताबें राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के हिसाब से आएंगी। इस विवाद से नई किताबों का कोई लेना-देना नहीं होगा। वे नए ढंग से लिखी जाएंगी।

बड़े बदलाव

नई शिक्षा नीति-2020 के तहत देश की शिक्षा-व्यवस्था में बदलाव किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय संचालन समिति ने इतिहास विषय के लिए जो कंटेंट तैयार किया है, उसमें यूनानी और मगध के संदर्भ में बड़े साम्राज्य का उदय, भारत और विश्व के प्रमुख दार्शनिक विद्यालय- बौद्ध धर्म, जैन धर्म, वैदिक विद्यालय जैसे विषय शामिल हैं। वैदिक गणित भी पढ़ाई का हिस्सा होगा।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 23 July 2026
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
 23 July 2026
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
 23 July 2026
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्‍यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्‍लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
 23 July 2026
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
 23 July 2026
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
 23 July 2026
पटना: बिहार में दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट छात्र और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर माहौल गरम है। पटना में भी उसी तर्ज पर बुधवार को छात्रों ने…
 22 July 2026
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
 22 July 2026
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
 22 July 2026
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…
Advt.