आखिरकार 25 जुलाई 1917 को फ्रांस की मिलिट्री गवर्नमेंट ने माता हारी को जासूसी का दोषी ठहरा दिया। अपने नागरिक को बचाने के लिए डच सरकार ने भी कुछ नहीं किया। माता हारी के आखिरी कुछ महीने मुश्किल भरे रहे। उन्हें ठीक से खाना भी नहीं दिया जाता था, जेल की काल कोठरी में कीड़े-मकोड़े थे। फ्रांस के सैनिकों के गोली मारने के बाद भी उनका नाम कभी खत्म नहीं हुआ। गोली मारते समय उनका एक हाथ बंधा था लेकिन अफवाह फैल गई कि फ्रांस के जिन सैनिकों को गोली मारने के लिए कहा गया उन्होंने भागने का मौका देने के लिए इधर-उधर गोली चलाई। हालांकि इसमें सच्चाई नहीं थी। The Fatal Lover: Mata Hari and the Myth of Women in Espionage में माता हारी के बारे में जूली वीलराइट ने काफी कुछ लिखा। इतना जरूर है कि आज भी जब दुनिया की धाकड़ जासूसी महिलाओं की बात होती है तो माता हारी का नाम शीर्ष पर होता है। फिल्मों ने तो उन्हें लीजेंड बना दिया।
