पहली कैटगरी में सोनी, पार्थ सारथी धर, एसएएआर कमोडिटीज, मनन शेयरकॉम और Kanhya Trading Company शामिल हैं। इन्हें प्रॉफिट-मेकर्स माना गया है। यानी ऐसे लोग और एंटिटीज जो गेस्ट एक्सपर्ट्स के सुझावों पर ट्रेड से मुनाफा कमा रहे थे। दूसरे ग्रुप में नितिन छलानी, रूपेश कुमार मटोलिया, अजयकुमार रमाकांत शर्मा, एसएएआर सिक्योरिटीज इंडिया लिमिटेड और रामअवतार लालचंद चोटिया शामिल हैं। इन्हे एनेब्लर्स नाम दिया गया है। यानी ऐसी एंटिटीज जो स्टॉक रिकमंडेशन के बारे में एडवांस जानकारी देकर गलत ढंग से प्रॉफिट-मेकर्स का साथ दे रहे थे। तीसरी कैटगरी में जी बिजनस पर आने वाले पांच गेस्ट एक्सपर्ट्स शामिल हैं।
सेबी के आदेश में कहा गया है कि पांच प्रॉफिट मेकर्स ने फ्रंट रनिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाया। एक्सपर्ट्स रिकमंडेशन के आधार पर इन लोगों ने अनुचित तरीके से 1047 ट्रांजेक्शंस के जरिए 7.41 करोड़ रुपये कमाए। इनमें से केवल एसएएआर ने ही 4.38 करोड़ रुपये कमाए। सोनी मनन शेयरकॉम के अथॉराइज्ड सिगनेटरी और डायरेक्टर हैं। मतोलिया और शर्मा का संबंध एसएएआर कमोडिटीज और एसएएआर सिक्योरिटीज से है। छलानी Kanhya Trading Company में अथॉराइज्ड सिगनेटरी हैं। जी बिजनस के पांच गेस्ट एक्सपर्ट्स में शामिल केलकर ने सेबी की जांच में स्वीकार किया कि वह सोनी को स्टॉक रिकमंडेशन की जानकारी देते थे और उसके बदले में उन्हें पुणे में एक दलाल के जरिए प्रॉफिट का एक हिस्सा मिलता था।
सेबी के आदेश में कहा गया है कि पांच प्रॉफिट मेकर्स ने फ्रंट रनिंग के जरिए भारी मुनाफा कमाया। एक्सपर्ट्स रिकमंडेशन के आधार पर इन लोगों ने अनुचित तरीके से 1047 ट्रांजेक्शंस के जरिए 7.41 करोड़ रुपये कमाए। इनमें से केवल एसएएआर ने ही 4.38 करोड़ रुपये कमाए। सोनी मनन शेयरकॉम के अथॉराइज्ड सिगनेटरी और डायरेक्टर हैं। मतोलिया और शर्मा का संबंध एसएएआर कमोडिटीज और एसएएआर सिक्योरिटीज से है। छलानी Kanhya Trading Company में अथॉराइज्ड सिगनेटरी हैं। जी बिजनस के पांच गेस्ट एक्सपर्ट्स में शामिल केलकर ने सेबी की जांच में स्वीकार किया कि वह सोनी को स्टॉक रिकमंडेशन की जानकारी देते थे और उसके बदले में उन्हें पुणे में एक दलाल के जरिए प्रॉफिट का एक हिस्सा मिलता था।
