3. यदि कोई पार्टी चार लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा या विधानसभा चुनाव में चार राज्यों में 6 प्रतिशत वोट हासिल करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल सकता है।
क्षेत्रीय दल बनने के लिए शर्तें
जो दल अपने राज्य की विधानसभा में कम से कम 3 सीटें या कुल सीटों में 3 फीसदी सीट जीत लें और 6 फीसदी वोट पा लें तो उन्हें क्षेत्रीय दल का दर्जा मिल जाता है। ऐसे दल को राज्य के अंदर चुनाव चिन्ह मिल जाता है। इसके अलावा सामान्य राजनीतिक दल भी होते हैं जो चुनाव लड़ने भर के योग्य होते हैं। देश में इनकी संख्या लगभग तीन हजार के करीब है।
दर्जा मिलने पर सुविधाओं के हकदार
सभी मान्यता प्राप्त दलों को सस्ती जमीन, टैक्स छूट के अलावा सरकार के स्तर पर बहुत सारी सुविधाएं मिलती हैं। राष्ट्रीय दल को दिल्ली में पार्टी के नाम पर कार्यालय भी आवंटित होता है। इसी तरह क्षेत्रीय दलों को उनके राज्य में कार्यालय आवंटित होते हैं। मान्यता प्राप्त दल चुनाव आयोग के बनाए मानक के अनुसार डोनेशन भी ले सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय दल चुनाव में स्टार कैंपेनर के रूप में 40 नेताओं की लिस्ट दे सकते हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय दलों को चुनाव प्रचार के दौरान टीवी प्रसारण से लेकर बाकी चीजों में दूसरे दलों के मुकाबले अधिक तरजीह दी जाती है।
