क्रिसिल ने दी ये चेतावनी
क्रिसिल मार्केट इंटेलिजेंस के डायरेक्टर पुशान शर्मा ने चेतावनी दी है कि कीमतों के इस कम रहने का सिलसिला शायद ज्यादा दिन तक न चले।शर्मा ने कहा, 'प्याज की कीमतों में मध्यम अवधि में थोड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि अगस्त और सितंबर में कर्नाटक और महाराष्ट्र जैसे मुख्य राज्यों में भारी बारिश हुई है। इस बारिश की वजह से खरीफ की बुवाई में देरी हुई है और फसल की पैदावार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि बारिश की वजह से मुख्य टमाटर उगाने वाले इलाकों में सप्लाई में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए त्योहारी सीजन में टमाटर के दाम भी बढ़ सकते हैं।
सब्जियों और दालों के दाम कम होने से मांसाहारी थाली की लागत भी कम हुई। लेकिन, यह गिरावट सिर्फ 6% के आसपास ही रही। इसकी वजह यह है कि ब्रॉयलर चिकन के दाम, जो मांसाहारी थाली की लागत का लगभग आधा हिस्सा होते हैं, उनमें साल भर पहले के मुकाबले सिर्फ 1% की गिरावट आई।
अगर सिर्फ सितंबर महीने की बात करें तो शाकाहारी थाली 3% सस्ती हुई। लेकिन, मांसाहारी थाली की कीमत अगस्त के मुकाबले 3% बढ़ गई। ऐसा ब्रॉयलर चिकन के दाम में 10% की बढ़ोतरी की वजह से हुआ। यह बढ़ोतरी सप्लाई में कमी और उत्पादन कम होने के कारण हुई।
