महिला टैक्सपेयर ने तर्क दिया कि जिस घर में अपने पति के साथ रह रही थी, उसका जॉइंट ऑनरशिप था और लोन का भुगतान उसके पति द्वारा किया जा रहा था। HUF प्रॉपर्टी में भी वह जॉइंट ऑनर थी। ऐसे मामलों में हाई कोर्ट ने अलग-अलग फैसले दिए है। ITAT ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक सिद्धांत निर्धारित किया था कि यदि दो रुख संभव हैं, तो टैक्सपेयर के लिए ज्यादा अनुकूल वाले रुख को अपनाया जाना चाहिए। इसलिए यह व्यवस्था दी गई कि महिला टैक्सपेयर टैक्स बेनिफिट का दावा कर सकती है।
