अमेरिका में यदि ट्रंप जीते तो भारत एवं भारतीयों के चले जाएंगे अच्छे दिन!
Updated on
14-03-2024 02:48 PM
नई दिल्ली: अब चीजें लगभग साफ हो गईं। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में अब पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उम्मीदवारी आधिकारिक हो गई है। रिपब्लिकन पार्टी से ट्रम्प ने वाशिंगटन राज्य में जीत के साथ जरूरी 1215 डेलिगेट्स का समर्थन जुटा लिया है। उधर डेमोक्रेटिक पार्टी से बाइडेन ने भी जरूरी 1968 डेलिगेट्स के मुकाबले 3933 डेलिगेट्स का समर्थन हासिल कर लिया है। इन सबके बीच अब भारत और भारतीयों के लिए एक चिंता की बात सामने आ रही है। चिंता की बात है कि यदि ट्रम्प जीते तो वहां रह रहे करीब 11 लाख भारतीयों को ग्रीन कार्ड मिलना मुश्किल हो जाएगा। साथ ही भारत को वहां ट्रेड करने पर भी कुछ टैरिफ या टैक्स का सामना करना पड़ सकता है।
क्यों चिंतित हैं भारतीय
अमेरिका में रह रहे भारतीय या अमेरिका जाने की मंशा रखने वाले भारतीयों के लिए ट्रम्प का लौटना अच्छा नहीं बताया जा रहा है। दरअसल, ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के कट्टरपंथी धड़े ने इस बार प्रोजेक्ट 2025 के नाम से एक ब्लू प्रिंट तैयार किया है। इसमें वैध प्रवासियों को वीसा और ग्रीन कार्ड देने की राह में कई कड़ी शर्ते प्रस्तावित है।
11 लाख भारतीयों पर असर
डोनाल्ड ट्रम्प के राजनीतिक सलाहकार स्टीफन मिलर और हेरिटेज फाउंडेशन द्वारा तैयार प्रस्तावों में इमिग्रेशन को खारिज करने का फैसला करना आसान होगा। इसे लागू करने के लिए संसद की मंजूरी भी जरूरी नहीं होगी। इसका असर अमेरिका में ग्रीन कार्ड मिलने का वेट कर रहे करीब 11 लाख भारतीयों पर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारतीय सबसे ज्यादा कर रहे हैं इंतजार
अमेरिका में यूं तो दुनिया भर के देशों के नागरिक प्रवास कर रहे हैं और इस समय ग्रीन कार्ड का इंतजार कर रहे हैं। वहां ग्रीन कार्ड चाहने वालों की इस समय वेटिंग लिस्ट लंबी है। इसमें सबसे ज्यादा भारतीय हैं। यदि ट्रम्प जीते तो इनका इंतजार और लंबा हो सकता है।
बाइडेन की भारतीयों पर रही विशेष कृपा
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने पिछले एक साल के दौरान ही भारतीयों को रिकार्ड 10 लाख वीसा दिए हैं। इनमें से सर्वाधिक वीसा विद्यार्थियों को दिए गए हैं। इसके बाद प्रोफेशनल्स का नंबर आता है। उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी वैध इमिग्रेशन पर आसान शर्ते लागू करने की पक्षधर है।
ट्रम्प टैक्स बढ़ाने के भी पक्षधर
ट्रम्प बार-बार भारत में कुछ अमेरिकी उत्पादों पर लगने वाले ऊंचे टैक्स दरों का मुद्दा उठाते रहते हैं। पिछले साल उन्होंने एक बार कहा था कि अगर वो 2024 में राष्ट्रपति चुनाव जीते तो वो भी जवाबी तौर पर भारतीय सामानों पर भारी टैक्स लगाएंगे। उल्लेखनीय है कि अपने पहले कार्यकाल में ट्रंप ने भारत को 'टैरिफ़ किंग' कहा था और भारत पर अच्छा बर्ताव न करने का आरोप लगाते हुए अमेरिकी बाज़ार में उसे तरजीह देने वाले 'जनरलाइज़्ड सिस्टम ऑफ़ प्रिफ़्रेंसेज़' यानी जीएसपी से भी बाहर कर दिया था।
भारत बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार एक पत्रकार को इंटरव्यू देते हुए कहा था कि एक चीज़ जो वह चाहते हैं वो ये कि बराबर टैक्स हो। अगर भारत अमेरिकी सामानों पर ज्यादा टैक्स लगाता है तो यहां भी ऐसा होगा। उन्होंने कहा था "मैंने ये हार्ले डेविडसन (बाइक) के मामले में देखा है। मैं ये कहता था कि आप भारत जैसी जगहों पर कैसे काम कर रहे हैं? उन्होंने कहा, अच्छा नहीं है सर। मैं पूछा क्यों? उन्होंने कहा कि वहां (भारत में) 100 फ़ीसदी, 150 फ़ीसदी और 200 फ़ीसदी तक टैरिफ़ है।"
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…