इसे आम आदमी का बजट कहा जाता है। तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इसे 28 फरवरी, 2005 को पेश किया था। इसमें कॉरपोरेट टैक्स और कस्टम ड्यूटी में कमी के साथ-साथ मनरेगा (MNREGA) और आरटीआई (RTI) की घोषणा की गई थी। मनरेगा योजना से ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार और आमदनी मिली। साथ ही इससे पलायन रोकने में भी काफी मदद मिली।
