अमेरिका को एक और झटका देने की तैयारी में भारत, तेल के बाद रूस के साथ कर सकता है यह डील
Updated on
21-08-2025 01:18 PM
नई दिल्ली: भारत और रूस मिलकर अमेरिका को एक और झटका देने की तैयारी में हैं। कच्चे तेल के समझौते के बाद अब दोनों देश एक और डील करने का प्लान बना रहे हैं। रूस के उप प्रधान मंत्री डेनिस मंटुरोव ने कहा है कि रूस, भारत को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) बेचने की सोच रहा है। उन्होंने ये भी कहा कि रूस, भारत के साथ परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाना चाहता है। ये बातें तब सामने आई हैं जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल खरीदने के कारण 25% एक्स्ट्रा टैक्स लगा दिया है। क्रेमलिन ने इस कदम को गैरकानूनी बताया है।
दिल्ली में रूसी दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका की चेतावनी के बावजूद रूस, भारत को तेल देना जारी रखेगा। रूस को उम्मीद है कि भारत और चीन के साथ त्रिपक्षीय बातचीत जल्द होगी। रूसी दूतावास में चार्ज डी अफेयर्स रोमन बाबुश्किन (Roman Babushkin) ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं ये बताना चाहता हूं कि राजनीतिक स्थिति के बावजूद, हम ये अनुमान लगा सकते हैं कि भारत तेल का आयात उसी स्तर पर जारी रखेगा।' इसका मतलब है कि भारत पहले जितना तेल रूस से खरीदता था, उतना ही खरीदता रहेगा।
अमेरिका से है टेंशन
अभी अमेरिका और भारत के बीच रूस से तेल खरीदने को लेकर कुछ तनाव चल रहा है। ऐसे में रूस के ये बयान काफी अहम हैं। रूस भारत के साथ अपने रिश्ते को और मजबूत करना चाहता है, खासकर ऊर्जा के क्षेत्र में। एलएनजी एक तरह की गैस होती है जिसे ठंडा करके तरल रूप में बदला जाता है, जिससे उसे आसानी से एक जगह से दूसरी जगह ले जाया जा सके।
भारत दुनिया में पेट्रोलियम का तीसरा सबसे बड़ा आयातक है। रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से भारत ने रूस से तेल का आयात काफी बढ़ा दिया है। इसकी मुख्य वजह यह है कि रूसी कच्चे तेल पर काफी छूट मिल रही है।
जारी रहेगा सहयोग
भारत में रूस के उप व्यापार प्रतिनिधि, एवगेनी ग्रीवा ने नई दिल्ली में कहा कि भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल का आयात अभी के स्तर पर ही रहने की संभावना है। ग्रीवा ने कहा कि रूस भारत को लगभग 5% की छूट पर तेल बेचता है। इसलिए एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के पास ज्यादा विकल्प नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार में हर साल लगभग 10% की वृद्धि होने की उम्मीद है।
अमेरिका ने फिर दी धमकी
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को फिर से भारत से आयात पर टैक्स बढ़ाने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि यह प्रतिबंधित रूसी तेल खरीदने के लिए लगाया गया टैक्स है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत तेल खरीद से मुनाफा कमा रहा है और भारत के कुछ सबसे अमीर परिवार इससे फायदा उठा रहे हैं।
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