भारत बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग हब! पीएम मोदी का सपना, दुनिया की हर डिवाइस पर चिप हो अपना
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12-09-2024 12:51 PM
नई दिल्ली: दुनिया के बड़े-बड़े देशों में सेमीकंडक्टर चिप की सप्लाई चेन पर कब्जा करने के लिए होड़ मची है। अमेरिका और चीन के बीच तो सारा तनाव इसी को लेकर है। इस बीच भारत ने भी सेमीकंडक्टर चिप की दुनिया में बड़ा खिलाड़ी बनने की तरफ कदम बढ़ा लिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेमीकंडक्टर के घरेलू विनिर्माण में निवेश को बढ़ावा देने का आह्वान करते हुए कहा है कि आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। मोदी ने कहा कि सेमीकंडक्टर स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक वीकल और एआई तक हर चीज का आधार है। उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि दुनिया के हर डेवाइस पर मेड इन इंडिया चिप लगे। भारत में 2030 तक सेमीकंडक्टर चिप का मार्केट 110 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
मोदी ने बुधवार को ग्रेटर नोएडा में सेमीकॉन-2024 सम्मेलन में कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से आपूर्ति श्रृंखला का महत्व सबके सामने आया है। साथ ही उन्होंने ऐसे किसी भी व्यवधान को रोकने के लिए कदम उठाने की जरूरत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, ‘आपूर्ति श्रृंखला का जुझारूपन या मजबूती बेहद महत्वपूर्ण है। भारत अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में इसे बनाने के लिए काम कर रहा है।’ कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान दुनिया को आपूर्ति संबंधी झटके देखने को मिले। इसकी वजह से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में चिप प्रमुख था, जो हर इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
60 लाख लोगों को रोजगार
प्रधानमंत्री ने भारत की सुधारवादी सरकार, स्थिर नीतियों और बाजार के बारे में भी बात की जिसने सेमीकंडक्टर विनिर्माण में निवेश के लिए मजबूत आधार तैयार करने को प्रौद्योगिकी का सहारा लिया है। उन्होंने कहा, ‘हमारा सपना है कि दुनिया के हर उपकरण में भारत में बनी चिप हो। हम भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में महाशक्ति बनाने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।’ सेमीकंडक्टर विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए अपनी सरकार द्वारा उठाए गए कदमों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक सुधारवादी सरकार, बढ़ता विनिर्माण आधार और प्रौद्योगिकी का रुख करने वाले आकांक्षी बाजार देश में चिप विनिर्माण के लिए थ्री-डी पावर प्रदान करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत दुनिया में भरोसा जगाता है। जब मुश्किलें आती हैं, तो आप भारत पर भरोसा कर सकते हैं। सेमीकंडक्टर विनिर्माण में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश पहले ही किया जा चुका है और कई परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण का पूरा काम भारत में ही हो। मोदी ने कहा, ‘आज भारत का इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र 150 अरब डॉलर से अधिक का है। इस दशक के अंत तक हम अपने इलेक्ट्रॉनिक क्षेत्र को 500 अरब डॉलर से अधिक पर पहुंचाना चाहते हैं। इससे 60 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन हो सकता है।’
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