शहरीकरण, बुनियादी ढांचा, मानव विकास और विनिर्माण जैसे क्षेत्र में उन्नति दशकों में संभव हो पाती है। 2050 तक भारत की आबादी 25 करोड़ और बढ़ेगी और तब यह 1.67 अरब लोगों का देश हो जाएगा। आज भारत में प्रति 10 हजार आबादी पर सिर्फ पांच हॉस्पिटल बेड हैं। चीन में यह आंकड़ा करीब आठ गुना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि भारत को आज के चीन का स्तर पाने में ही दशकों लग जाएंगे। भारत की आबादी में युवाओं का बड़ा हिस्सा भी बहुत लंबे वक्त तो रहेगा नहीं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, 2047 से भारत की आबादी घटने लगेगी और वर्ष 2100 तक आते-आते यह 1 अरब तक आ जाएगी। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक ही, 2050 में चीन की आबादी 1.3 अरब होगी। भारत अगर 7 प्रतिशत के आसपास की रफ्तार से आर्थिक वृद्धि हासिल करता रहा तो 2030 तक यह जर्मनी और जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
