जीटीआरआई के अजय श्रीवास्तव का कहना है कि लाल सागर में भी स्थिति खराब हो रही है। 14-15 जून को हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर इजरायली हवाई हमलों के बाद तनाव बढ़ गया है। इससे भारत के पश्चिम की ओर होने वाले निर्यात पर खतरा बढ़ गया है। भारत से यूरोप, उत्तरी अफ्रीका और अमेरिका के पूर्वी तट पर होने वाला 30% एक्सपोर्ट बाब अल-मंडेब जलसंधि से होकर जाता है। यह जलसंधि अब खतरे में है। अगर सुरक्षा कारणों से जहाजों को केप ऑफ गुड होप के रास्ते से जाना पड़ेगा, तो डिलीवरी में दो सप्ताह तक की देरी हो सकती है। इससे भारतीय निर्यातकों के लिए लागत बढ़ जाएगी।
