आने वाली है मंदी? अमेरिका में धड़ाधड़ दिवालिया हो रही कंपनियां, टूट गया 15 साल का रेकॉर्ड
Updated on
17-04-2025 07:37 PM
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने देश को फिर से महान बनाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने दुनिया के कई देशों पर टैरिफ लगाया है। लेकिन अमेरिका में दिवालिया हो रही कंपनियों की तादाद तेजी से बढ़ रही है। अमेरिका में 2025 की पहली तिमाही में 188 बड़ी कंपनियां दिवालिया हुई हैं। पिछले साल की समान तिमाही की तुलना में यह 49 ज्यादा है। यह साल 2010 के बाद किसी एक तिमाही में दिवालिया होने वाले कंपनियों की सबसे बड़ी संख्या है। यहां तक कि 2020 की कोरोना महामारी में भी यह संख्या 150 के पार नहीं गई थी। इस तरह अमेरिका बड़ी कंपनियों के दिवालिया होने के मामले में 15 साल का रेकॉर्ड टूट गया है। पिछले साल देश में कुल 694 बड़ी कंपनियां दिवालिया हुई थीं।
2025 की पहली तिमाही में अमेरिका में सबसे ज्यादा इंडस्ट्रियल सेक्टर की 32 कंपनियां दिवालिया हुई। इसी तरह कंज्यूमर सेक्टर की 24 और हेल्थकेयर सेक्टर की 13 कंपनियों ने खुद को दिवालिया घोषित कर दिया। माना जा रहा है कि विदेशी सामान पर टैरिफ लगने से देश में महंगाई बढ़ सकती है और देश मंदी की चपेट में आ सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर 245 फीसदी टैरिफ लगाया है। इस कारण अमेरिका की कई कंपनियां चीन से अपना बोरिया-बिस्तर समेटने की तैयारी में है। अगर वे अमेरिका में सामान बनाती हैं तो उनके लिए यह बहुत महंगा सौदा हो सकता है। यानी आने वाले दिनों में कई और कंपनियों के दिवालिया होने की आशंका है।
मंदी की आशंका
साल 2010 की पहली तिमाही में 254 कंपनियां दिवालिया हुई थीं जबकि पिछले साल पहली तिमाही में दिवालिया होने वाली कंपनियों की संख्या 139 थीं। जानकारों का कहना है कि कमजोर बैलेंस शीट वाली कंपनियों का मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका डेट मैच्योर हो रहा है और ज्यादा ब्याज दर के कारण वे इसे रिफाइनेंस नहीं करा पा रही हैं। अब टैरिफ वॉर से उनकी स्थिति और बदतर होने जा रही है। महंगाई बढ़ने से लोग पैसा खर्च करने से परहेज करेंगे जिससे डिमांड में गिरावट होगी। इससे मंदी आ सकती है।
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