Select Date:

इस्राइल-ईरान युद्ध का असर दिल्ली की अनाज मंडियों पर, जानिए क्या है कनेक्शन

Updated on 26-10-2024 12:43 PM
नई दिल्ली: नरेला अनाज मंडी में धान की फसल की शुरुआत हो गई है, लेकिन किसान और व्यापारियों की उम्मीदों पर बाजार खड़ा नहीं उतर रहा है। इस्राइल और ईरान सहित गाजा में शुरू हुए युद्ध के बीच गल्फ कंट्री की उथल-पुथल का असर एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी कहे जाने वाली नरेला अनाज मंडी पर भी पड़ रहा है। पिछले साल के मुकाबले इस साल यहां किसानों को मिलने वाले धान के दामों में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है। यह गिरावट 25 से 30 परसेंट तक बताई जा रही है।

व्यापारियों का कहना है कि गल्फ कंट्री से चावल के डिमांड कम आने से यहां फसलों की खरीद नहीं हो पा रही है। दूसरी तरफ इस बार देश में खराब मौसम की वजह से फसलों की पैदावार भी कम हुई है। इसके कारण मंडी में करीब 30 से 40 परसेंट धान कम हो गई है। यहां काम करने वाले व्यापारियों ने बताया कि पिछले साल अक्टूबर-नवंबर के महीने में नरेला अनाज मंडी में प्रतिदिन 50 से 60 हजार क्विंटल धान मंडी में पहुंचता था जो कि इस बार घटकर 30 से 35000 क्विंटल प्रतिदिन ही रह गया है। नरेला अनाज मंडी में फसलों के कम आवक की मुख्य वजह यहां के व्यापारी नरेला से सटे हरियाणा के मंडियों में किसानों को सामान्य रेट मिलना भी बता रहे हैं।

चावल मिल बंद


व्यापारी शिवकुमार बिट्टू ने बताया कि दिल्ली में लगातार पल्यूशन के कारण दिल्ली के चावल मिल बंद कर दिए गए हैं। अब अधिकांश चावल मिल हरियाणा और दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए हैं। व्यापारी अब वहीं की मंडियों में पहुंचकर धान की खरीद करते हैं। इसमें मुख्य रूप से हरियाणा का सोनीपत, पानीपत, खरखौदा, समालखा, कुरुक्षेत्र जैसी मंडी शामिल हैं। दिल्ली में मास्टर प्लान के अनुसार अब किसान नहीं हैं। इस मंडी में नगद खरीद-बिक्री होती थी। लिहाजा हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड राजस्थान और कई राज्यों से लोग फसलों को बेचने के लिए आते थे, लेकिन अब यह चावल मिल भी नहीं होने के कारण और अन्य वजह से किसान अपने फसलों को उत्तर प्रदेश और हरियाणा की मंडियों में ही बेचना पसंद करते हैं।

फसल बेचने आए एक किसान जगतार सिंह ने बताया कि पिछले साल के मुकाबले इस बार उनके धान के दाम उन्हें कम मिले हैं। किसान इस मंडी में नगद भुगतान और अच्छे रेट के लिए पहले आते थे, लेकिन इस बार न तो किसानों में अधिक रुचि दिखाई दे रही है और न ही मंडी में बेहतर फसलों के भाव मिल रहे हैं। हालांकि मंडी प्रशासन का कहना है कि 22 तारीख को केंद्र सरकार की तरफ से लिए गए निर्यात पर लगने वाले 10 परसेंट सेंस खत्म करने के फैसले के बाद से मंडी में फसलों के दाम बढ़ने की उम्मीद है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
 31 July 2026
नई दिल्ली: जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है, तब कभी-कभी वहीं से एक नई और शानदार शुरुआत का रास्ता भी निकलता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर…
 31 July 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
 31 July 2026
मुंबई: गुजरात की एक एफएमसीजी कंपनी है गोकुल एग्रो रिसोर्सेज (Gokul Agro Resources)। इसके शेयर गुरुवार को ट्रेडिंग शेसन के दौरान NSE पर 7% से ज़्यादा चढ़ गए। विभिन्न तरह…
 31 July 2026
नई दिल्ली: मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। BSE पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र…
 31 July 2026
अगस्त का महीना अपने साथ कई बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमत, विंडफॉल टैक्स, ITR डेडलाइन, क्रेडिट कार्ड…
 30 July 2026
नई दिल्ली: रुपये की गिरावट को थामने के लिए आरबीआई ने पिछले शुक्रवार को करीब $7 बिलियन बाजार में झोंके। यह कई महीनों में एक दिन में किया गया सबसे…
Advt.