जेलरवाला बाग स्लम में रहने वालों को जुलाई में मिलेंगे फ्लैट्स, DDA ने कर ली है पूरी तैयारी
Updated on
19-06-2024 01:45 PM
नई दिल्ली: जेलरवाला बाग में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैट्स के पजेशन लेटर डीडीए ने जुलाई में अलॉटियों को सौंपने की तैयारी कर ली है। कुल 1078 अलॉटियों को यह फ्लैट्स दिए जाने हैं। इसके लिए लाभार्थियों से उनका कंट्रीब्यूशन भी लगभग लिया जा चुका है। एक अधिकारी के अनुसार 'जहां झुग्गी, वहीं मकान' स्कीम के तहत कुल 1675 फ्लैट्स तैयार किए गए हैं। जेलरवाला बाग में बने 1396 फ्लैट्स इस साल मार्च तक अलॉटमेंट के लिए फाइनल किए गए थे। इन 1396 फ्लैट्स में से 1078 फ्लैट्स जेलरवाला बाग जेजे क्लस्टर में रहने वाले योग्य लाभार्थियों को दिए जाने हैं। बाकी बचे 579 फ्लैट्स आसपास के अन्य जेजे क्लस्टर के लोगों को दिए जाएंगे। इनमें से भी 318 फ्लैट्स पास के जेजे क्लस्टर जैसे गोल्डन पार्क, रामपुरा और अशोक विहार के माता जई कौर स्कूल के पास वाले जेजे क्लस्टर के अलॉटियों को दिए जाने हैं।
अधिकारी के अनुसार इस समय बाकी बचे लाभार्थियों की पहचान करने का काम किया जा रहा है। डीडीए के अनुसार पहले ही डिमांड कम अलॉटमेंट लेटर दे दिए गए हैं। अब पजेशन लेटर देने की सभी तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। इसमें बेनिफिशरी से उनका कंट्रीब्यूशन भी लिया जा चुका है। ऐसे में अब जल्द ही लाभार्थियों को फ्लैट्स की चाबी सौंपी जाएगी। 25 लाख के इन फ्लैट्स के लिए लाभार्थियों को 1.4 लाभ रुपये का कंट्रीब्यूशन देना है।
नए फ्लैट्स में हैं ये सुविधाएं
नए फ्लैट्स में कम्युनिटी फैसिलिटी और सीवरेज ट्रीटमेंट की सुविधा है। हर फ्लैट 340 वर्ग फीट का है, जिसमें बेडरूम, लिविंग रूम, किचन, सैपरेट टॉयलेट और बाथरूम के अलावा बालकनी भी है। पूरा रेजिडेंशल प्रोजेक्ट करीब 67000 वर्ग मीटर में बना है। इस कॉम्प्लेक्स में 337 गाड़ियों की पार्किंग भी है। यहां हॉल, शॉप, आंगनवाड़ी, क्लासरूम, डॉक्टर क्लीनिक और बच्चों के डे केयर सेंटर की सुविधा है। हर टावर में लिफ्ट है। 11,024 वर्ग मीटर एरिया में बेसमेंट पार्किंग है। सरफेस पार्किंग अलग से है। इसके अलावा 9257.7 वर्ग मीटर का ग्रीन स्पेस है। ड्रॉ के जरिए किसे कौन सा फ्लैट मिलेगा, यह तय किया गया। यह इस स्कीम का दूसरा प्रोजेक्ट है। इससे पहले कालकाजी में नवंबर 2022 में पीएम नरेंद्र मोदी ने 3024 लाभार्थियों को उनके फ्लैट की चाबी सौंपी थी।
कौन-कौन से बन रहे हैं प्रोजेक्ट
तीसरा प्रोजेक्ट कठपुतली कॉलोनी में बन रहा है। यहां पर करीब 2800 फ्लैट्स बन रहे हैं। हर फ्लैट का साइज तकरीबन 37 वर्ग मीटर है। मार्च में एलजी ने चौथे इन सीटू प्रोजेक्ट की घोषणा की थी। जिसमें तीन झुग्गी क्लस्टर के रीडिवेलपमेंट शामिल थे। ईस्ट दिल्ली की कलंदर कॉलोनी, दीपक कॉलोनी और दिलशाद विहार कॉलोनी को चुना गया था।
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…