क्या कहते हैं पहरूडीह गांव के लोग?
पहरूडीह गांव के निवासी रासमुनि किस्कू ने बताया कि हमारे गांव में आजादी के पहले से पक्की सड़क नहीं थी। इसकी लगातार मांग कर रहे थे, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जब गांव वालों ने जमीन दान में दी, उसके बाद जाकर सड़क बनने का काम शुरू हुआ है। सड़क निर्माण कार्य के शिलान्यास से हम लोग काफी खुश हैं।वहीं गांव की महिला अनीती मुर्मू ने बताया कि गांव में सड़क नहीं रहने के कारण लोगों को काफी परेशानी होती थी, खासकर मरीज को अस्पताल ले जाने में। हम लोग खटिया पर मरीज को पवैया स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाते थे। अब सड़क बन जाने से हम लोगों को एंबुलेंस की सुविधा मिल सकेगी।
ग्रामीण रतन मरांडी ने बताया कि आजादी के 78 वर्ष बाद हम लोगों को पक्की सड़क मिलेगी, वह भी तब जब गांव वालों ने सड़क के लिए जमीन दान में दिया है। यहां के लोग काफी परेशानियों से गुजर रहे थे। अब जाकर इनके हालत में सुधार आने की उम्मीद है।
