कंपनी के पफंडामेंटल में दिक्कत?
फिडेंट एसेट मैनेजमेंट (Fident Asset Management) के फाउंडर और सीआईओ ऐश्वर्या दाधीच (Aishvarya Dadheech) का कहना है कि लिस्टिंग के बाद कमजोर प्रदर्शन 'आक्रामक मूल्य निर्धारण और खुदरा भागीदारी की कमी' को दर्शाता है, न कि कंपनी के फंडामेंटल (बुनियादी बातों) में कोई बड़ी खराबी। दाधीच ने हमारे सहयोगी ईटीमार्केट्स (ETMarkets) से बातचीत में कहा, 'एलजी इलेक्ट्रॉनिक्स ही एकमात्र लिस्टिंग थी जिसने व्यापार की मजबूती, ब्रांड अपील और मूल्यांकन के बीच सही संतुलन बनाया। यह उचित 30-35x मल्टीपल पर आया, जबकि कई अन्य IPO 50-70x पर मूल्यवान थे।'निवेशक हो गए हैं समझदार
दाधीच ने यह भी बताया कि बार-बार की निराशाओं के बाद निवेशक अब ज्यादा समझदार हो गए हैं। उन्होंने कहा, 'खुदरा निवेशक यह महसूस कर रहे हैं कि IPO में उन्माद ज्यादा होता है, फंडामेंटल कम।' उन्होंने आगे कहा कि एलजी का खुदरा सब्सक्रिप्शन भी केवल लगभग तीन गुना ही था। उन्होंने यह भी बताया कि अनलिस्टेड मार्केट (बिना लिस्ट हुए कंपनियों का बाजार) काफी धीमा हो गया है, जबकि एफआईआई (FIIs - विदेशी संस्थागत निवेशक) टाटा कैपिटल और एलजी जैसी अच्छी कंपनियों में रुचि दिखा रहे हैं। 'एफआईआई सेकेंडरी मार्केट में बेच सकते हैं, लेकिन वे अच्छी क्वालिटी के प्राइमरी इश्यू में खरीदार बने हुए हैं।'डिस्क्लेमर: इस विश्लेषण में दिए गए सुझाव व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों के हैं, एनबीटी के नहीं। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि किसी भी निवेश का निर्णय लेने से पहले प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श कर लें। क्योंकि शेयर बाजार की परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं।
