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देश में खूब बिक रहे लग्जरी मकान, 40 फीसदी से ज्यादा उछली प्रॉपर्टी की कीमतें, देखें डिटेल्स

Updated on 19-01-2024 01:49 PM
नई दिल्ली: भारत में लग्जरी घरों की डिमांड तेजी से बढ़ती जा रही है। लोगों की बढ़ती इनकम, देश की इकॉनमी की अच्छी स्थिति और बदलती लाइफस्टाइल के चलते लग्जरी हाउसिंग की चाहत कोरोना के बाद से लगातार बढ़ रही है। India Sotheby’s International Realty (ISIR) के एनुअल लग्जरी आउटलुक सर्वे के अनुसार 71% समृद्ध भारतीय अगले 12-24 महीनों में लग्जरी रियल एस्टेट में निवेश करने की इच्छा रखते हैं। सर्वे में यह भी सामने आया है कि कोरोना के बाद लाइफस्टाइल अपग्रेडेशन के चलते शुरु हुई बड़े घरों की जरूरत अब कैपिटल एप्रिसिएशन की चाहत के रूप में सामने आ रही है। सर्वे 2024 में हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (HNI) और अल्ट्रा हाई-नेट-वर्थ इंडिविजुअल्स (UHNIs) के बीच एक मजबूत इकॉनमिक ऑप्टिमिज्म दिखाई देता है। 2023-24 के लिए भारतीय इकॉनमी को लेकर 79% UHNI और HNIs आशावादी हैं, जबकि पिछली साल यह 59% था।

बाजार में वापसी का संकेत


सर्वे के अनुसार आशावादी दृष्टिकोण पूरे सेक्टर में फैला हुआ है। यही वजह है कि पिछले 24 महीनों में प्रॉपर्टी की कीमतों में लगभग 40% की वृद्धि और मार्टेगेज दरों में वृद्धि के बावजूद, 71% लोगों ने अगले 12-24 महीनों में घर खरीदने का इरादा जताई है, जो बाजार में महत्वपूर्ण विश्वास को दिखाता है। 44% के लिए रियल इस्टेट में निवेश का प्राइमरी मोटिवेशन कैपिटल एप्रिसिएशन है और यह निवेशकों की बाजार में वापसी का संकेत है।

जहां तक होम लोन पर ब्याज दरों का सवाल है, 56% UHNI और HNIs का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक 2024 में ब्याज दरें कम करना शुरू कर देगा, जो अच्छा संकेत देता है। सर्वे में शामिल लोगों में 34% के पास कर्मशल रियल इस्टेट, 25% हॉलिडे होम, 21% खेती की जमीन और 20% के पास फार्महाउस हैं।

बाजार की मजबूती के पीछे क्या है वजह?


ISIR के MDअमित गोयल कहते हैं कि भारत की बढ़ती इकॉनमी रेकॉर्ड हाउसिंग सेल्स के रूप में दिखाई दे रहा है। ऑल टाइम हाई स्टॉक मार्केट के ग्रोथ के अन्य पहलुओं के मद्देनजर अगले 12-24 महीनों में रियल एस्टेट बाजार के टॉप ऐंड को सबसे अधिक फायदा होगा। Goldman Sachs के अनुसार, तीन वर्षों के भीतर वेल्दी ग्रुप लगभग दोगुना होकर 100 मिलियन लोगों तक पहुंचने की उम्मीद है। भारत में अति धनवान लोग बढ़ रहे हैं। मजबूत स्टार्ट-अप इको-सिस्टम और यूनिकॉर्न की बढ़ती संख्या ने सुपर-रिच की बढ़ती रैंक में इजाफा किया है।

हमारे लग्जरी आउटलुक सर्वेक्षण के निष्कर्ष उन निवेशकों के बीच नए सिरे से और बढ़ी हुई रुचि का संकेत देते हैं जो अब रियल एस्टेट को लॉग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए एक आकर्षक अवसर के रूप में देखते हैं। वहीं ISIR के सीईओ अश्विन चड्ढा कहते हैं कि 2023 में शीर्ष सात शहरों में नई लग्जरी परियोजनाओं की लॉन्चिंग में पर्याप्त ग्रोथ हुई है। हमारा मानना है कि निवेशक रणनीतिक रूप से खुद को वेल्थ एक्यूमूलेशन के लिए तैयार कर रहे हैं और रियल एस्टेट निवेश से जनरेशनल वेल्थ बना रहे हैं।

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