चमत्कार! चारों तरफ बर्फ ही बर्फ, गला देने वाली ठंड में खुले बदन तपस्या कैसे कर रहे साधु
Updated on
19-01-2023 06:53 PM
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में जब पिछले दिनों पारा 0 डिग्री के करीब आया तो लोग 'कश्मीर जैसी ठंड' की बातें करने लगे। राजस्थान में तो पारा कई बार माइनस से नीचे गया। ऐसे में अगर हम आपसे कहें कि बर्फ के बीच बैठकर कोई तपस्या कर रहा है तो शायद आपको यकीन न हो। यह देखने के लिए आपको देवभूमि उत्तराखंड चलना होगा। बाबा केदारनाथ धाम में एक साधु बर्फ की मोटी चादर पर साधना करते दिख जाएंगे। इस सीजन में भी बर्फबारी शुरू हो गई है। कुछ ही दिनों में नंदी की मूर्ति पूरी तरह से बर्फ से ढक जाएगी लेकिन ललित महाराज बिल्कुल सामान्य तरीके से साधना करते रहते हैं। आपको लगेगा कि शायद जैकेट पहनकर या शॉल ओढ़कर बर्फ में साधना की जा सकती है। जी नहीं, ललित महाराज के शरीर पर पूरे कपड़े नहीं होते हैं। तस्वीरें देख लीजिए। कई तस्वीरें तो ऐसी देखने को मिलती हैं जब बर्फबारी हो रही होती है और बाबा खुले आसमान के नीचे 'ऊं नम: शिवाय' का जाप करते रहते हैं। हालांकि ललित रामदास महाराज अकेले नहीं हैं। कई ऐसे साधु-संत हैं जो इस बर्फीली वादियों में धुनी रमाए दिख जाएंगे। बर्फ की मोटी चादर में साधना दरअसल, बाबा केदार के कपाट बंद होने के बाद दर्शनार्थी नहीं आते। ऐसे समय में गिने चुने साधु-संत ही रहते हैं, जो सुबह-शाम बाबा केदार की पूजा करते हैं। बर्फबारी में कई बार 6 से 7 फीट मोटी बर्फ जम जाती है। जिधर देखो उधर सफेदी ही दिखाई देती है। लेकिन बर्फबारी और कंपकंपाती ठंड में भी महादेव के भक्त यह 'अजूबे' साधु तपस्या में लीन दिखाई देते हैं। यह कोई इस साल या पिछले साल की बात नहीं है, ललित महाराज का पिछले कई वर्षों से यही रूटीन बन चुका है। मौसम की सख्ती का उनके शरीर पर कोई असर नहीं दिखता। खून जमा देने वाली ठंड भी जैसे उनकी साधना के आगे 'नतमस्तक' हो जाती है।
इसे ललित महाराज का हठ कहें या भक्ति की पराकाष्ठा, चाहे कितनी भी बर्फ पड़े वह धाम से नीचे नहीं आते हैं। जब लोगों की भीड़ जुटती है तो वह भोलेनाथ के भक्तों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था भी करते हैं। बर्फबारी के समय बर्फ को पिघलाकर पानी का इस्तेमाल किया जाता है। देखने वाले भी हैरान रह जाते हैं कि आधे कपड़े पहनकर कोई इस सर्दी में कैसे साधना करने बैठा है।
आस्था या चमत्कार केदारनाथ धाम की ऊंचाई 11 हजार फीट है। यहां माइनस में तापमान हो जाता है। ललित महाराज बेजुबान कुत्तों के खाने-पीने का भी इंतजाम करते हैं। ललित महाराज 2013 में आई आपदा के बाद से इसी तरह कपाट बंद होने के बाद भी केदारनाथ धाम में रहते आ रहे हैं। कुछ तस्वीरें देखकर तो आप हैरान रह जाएंगे। एक तस्वीर में केदारनाथ धाम बर्फ से ढका दिखाई देता है और ठीक सामने उनका आधा शरीर बर्फ में होता है। इसे 'आस्था का चमत्कार' कह सकते हैं। ललित महाराज को उत्तराखंड के लोग 'बाबा बर्फानी' भी कहते हैं। मंदिर से करीब एक किमी दूर ललित महाराज का अपना आश्रम है।
नई दिल्ली, पीएम नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ऐलान किया कि पेपर लीक के दोषियों को सजा देने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स बनाए जाएंगे। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़…
रायपुर: छत्तीसगढ़ में एक एडवोकेट कपल का सामाजिक बहिष्कार का सामना करना पड़ रहा है। दोनों ने दावा किया है कि करीब एक साल से उन्हें शादियों और अंतिम संस्कार…
जालौन: यूपी के चर्चित आईएएस अफसर रिंकू सिंह इस बार मुश्किल में हैं। जालौन में न्यायिक उप जिलाधिकारी पद पर तैनात आईएएस रिंकू सिंह राठी और ब्लॉक प्रमुख रामराजा निरंजन…
गुना: मध्य प्रदेश के गुना जिले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के भू-स्वामियों की जमीनों के अवैध कब्जे और शोषण के मामले में हाईकोर्ट ने बेहद सख्त रुख…
अहमदाबाद: 13 साल गुजरात के मुख्यमंत्री और अब पिछले 12 साल से प्रधानमंत्री के बड़े दायित्व को संभाल रहे नरेंद्र मोदी अपने मंत्रियों के कामकाज पर खुद नजर रखते हैं।…
पटना: बिहार विधानमंडल के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन के भीतर और बाहर उस समय जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब सत्ताधारी दल के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी…
लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास धरना देने पहुंचे सपा और कांग्रेस नेताओं ने मंगलवार देर शाम जमकर प्रदर्शन किया। हंगामा इतना बढ़ा कि पुलिस सबको पकड़कर थाने…
पटना: बिहार के बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में राजनीतिक सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा…