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पांच साल में 1.71 लाख से अधिक गर्भपात, कांग्रेस ने पूछा-आखिर क्या कर रही है सरकार?

Updated on 04-08-2023 02:18 PM
अहमदाबाद: गुजरात में गर्भपात को बढ़ते आकड़ों पर कांग्रेस पार्टी ने चिंता व्यक्त की है। गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति (GPCC) ने कानूनी तौर पर हुए गर्भपात को आंकड़ों को जारी करते हुए कहा है राज्य में पिछले पांच सालों में 1,71,325 गर्भपात हुए। कांग्रेस के अनुसार यह आंकड़ा चिंताजनक है। कांग्रेस ने अनुसार जब कानूनी तौर पर दर्ज आंकड़ों की संख्या इतनी ज्यादा है तो गैर कानूनी तौर पर अभी गर्भपात हुए होंगे। कांग्रेस ने पूछा है कि क्या राज्य में पुरुष-महिला अनुपात (सेक्स रेशियो) 1000-919 होने की वजह गर्भपात है? गुजरात प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रवक्ता हिरेन बैंकर ने गर्भपात के आंकड़ों को राज्य के चिंता का विषय करार दिया है।

सरकार उठाए कठोर कदम
बैंकर ने कहा कि गर्भपात एक 'मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट' है जो कुछ कारणों से गर्भपात का प्रावधान करता है। केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा राज्यसभा में दिए गए चौंकाने वाले आंकड़ों के मुताबिक सिर्फ साल 2021-22 में देशभर में 13,65,096 महिलाओं का गर्भपात (अबॉर्शन) हुआ है। जो चिंता का विषय है। इस अवधि में गुजरात में 2021-22 में 30187 महिलाओं का गर्भपात कराया। बैंकर ने कहा कि राज्य में पांच साल में 1,71,325 महिलाओं का गर्भपात हुआ है। बैंकर ने कहा कि ये आंकड़े तो क़ानूनी रूप से पंजीकृत गर्भपात के आंकड़े हैं। अवैध गर्भपात के आंकड़े कितने चौंकाने वाले और बड़े होंगे? यह बेहद चिंताजनक है। बैंकर ने बताया कि साल 2016-17 में 28204, 2017-18 में 42391, 2018-19 में 41883, 2019-20 में 28660 और 2021-22 में 30187 महिलाओं ने गर्भपात कराया है। बैंकर ने कहा कि भ्रूण लिंग परीक्षण कराना या उसके लिए आग्रह करना दोनों ही गंभीर अपराध हैं। गुजरात में 1000 पुरुषों पर 919 महिलाएं दर्शाती है कि राज्य जेंडर रेशियों में पिछड़ रहा है। गर्भपात खराब आर्थिक स्थिति, शारीरिक बीमारी, गर्भ में बच्चे का कम विकास, परिवार नियोजन की कमी, गर्भावस्था के दौरान उचित उपचार की कमी, सामाजिक कारणों सहित अन्य कारणों से किया जाता है।

क्यों नहीं घट रहे आंकड़े?
बैंकर ने कहा कि राज्य में गभर्वती महिलाओं के लिए राज्य मजबूत कदम उठाए। कहते के लिए राज्य में मुख्यमंत्री मातृशक्ति योजना के तहत साल 2022-23 में 811 करोड़ रुपये केंद्र सरकार पूरे देश में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पांच वर्षों में 8051.63 करोड़ रुपये के खर्च के बाद भी गर्भपात के मामलों में बढ़ोतरी क्यों हो रही है? बैंकर ने कहा कि गर्भपात के ये आंकड़े चिंताजनक है। सरकार को सिर्फ सर्कुलर और नोटिफिकेशन बाहर निकालने की बजाए जमीन पर मजबूत कदम उठाना चाहिए। बैंकर ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की मांग है कि सरकार राज्य में बड़ी संख्या में हो रहे गर्भपात के मामलों को कम करने की दिशा में कम करे। इसके लिए सामाजिक तौर पर जन जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और गांवों में रहने वालों को आर्थिक तौर पर सशक्त बनाया जाए।



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