फाइनेंशियल सेक्टर में बड़ा धमाका करने की तैयारी में मुकेश अंबानी, दुनिया के सबसे ताकतवर आदमी का मिला साथ
Updated on
16-04-2024 03:01 PM
नई दिल्ली: भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) टेलिकॉम और रिटेल के बाद अब वेल्थ मैनेजमेंट और ब्रोकिंग बिजनस में भी तहलका मचाने की तैयारी में हैं। अंबानी की कंपनी जियो फाइनेंशियल ने दुनिया के सबसे बड़े एसेट मैनेजर ब्लैकरॉक के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाया है। दोनों कंपनियां भारत में एसेट मैनेजमेंट बिजनस के लिए पहले ही हाथ मिला चुकी हैं। जियो फाइनेंशियल ने सोमवार को स्टॉक एक्सचेंजेज को दी जानकारी में बताया कि उसने भारत में वेल्थ मैनेजमेंट और ब्रोकरेज कंपनियां शुरू करने के लिए ब्लैकरॉक के साथ एक जॉइंट वेंचर बनाया है। इसमें दोनों कंपनियों की 50-50 फीसदी हिस्सेदारी होगी। रिलायंस इंडस्ट्रीज ने पिछले साल अपने फाइनेंशियल बिजनस कारोबार को अलग करके जियो फाइनेंशियल सर्विसेज नाम से एक कंपनी बनाई थी।
जियो फाइनेंशियल सर्विसेज को पिछले साल जुलाई में शेयर मार्केट में लिस्ट किया गया था। उसके बाद कंपनी ने ब्लैकरॉक के साथ मिलकर भारत में एसेट मैनेजमेंट बिजनस शुरू करने की घोषणा की थी। इस बिजनस में दोनों कंपनियों ने 15-15 करोड़ डॉलर निवेश करने की घोषणा की थी। जियो ने सोमवार को कहा कि नए वेंचर से ब्लैकरॉक के साथ उसके संबंध और मजबूत होंगे। इससे भारत में एसेट मैनेजमेंट इंडस्ट्री में क्रांतिकारी बदलाव आने की संभावना है। ब्लैकरॉक दुनिया की सबसे बड़ी एसेट मैनेजर कंपनी है। इसका एसेट अंडर मैनेजमेंट करीब 10 ट्रिलियन डॉलर था। यह भारत की जीडीपी का करीब ढाई गुना है। ब्लैकरॉक की हैसियत का अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि दुनिया के कुल शेयरों और बॉन्ड्स का 10 फीसदी यही कंपनी संभालती है।
ब्लैकरॉक की दुनिया
ब्लैकरॉक दुनिया का सबसे बड़ा शेडो बैंक है। अगर हम यह कहें कि पूरी दुनिया इस कंपनी के कब्जे में है तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। दुनिया के हर बड़े सेक्टर की बड़ी कंपनी में इसका हिस्सा है। ब्लैकरॉक की ऐपल में 6.5%, वेरिजॉन और फोर्ड में 7.25%, मेटा में 6.5%, वेल्स फर्गो में सात परसेंट, जेपीमोर्गन में 6.5% और डॉयचे बैंक में 4.8% हिस्सेदारी है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट इंक में ब्लैकरॉक की 4.48% हिस्सेदारी है। ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक को दुनिया का सबसे प्रभावशाली शख्स माना जाता है। ब्लैकरॉक भारत में इन्वेस्टिंग, ऑपरेशंस, एनालिटिक्स और कॉरपोरेट फंक्शंस में काम कर रही है। उसके भारत में करीब 2,400 कर्मचारी हैं। कंपनी एशिया में 422 अरब डॉलर का एसेट मैनेज कर रही है जिसमें 15 फीसदी भारत में है। साथ ही उसके ग्लोबल क्लाइंट्स का भारत में 13 अरब डॉलर का निवेश है।
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