सरकार के पक्ष में आए फैसले को मुकेश अंबानी की रिलायंस ने दी चुनौती, जानिए क्या है मामला
Updated on
21-05-2025 01:40 PM
नई दिल्ली: रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) और उसके विदेशी साझेदारों ने सरकार के साथ गैस विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इन कंपनियों ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें मध्यस्थता फैसले को रद्द कर दिया गया था। यह फैसला केंद्र सरकार के 1.7 बिलियन डॉलर के उस दावे से जुड़ा है। सरकार ने आरोप लगाया गया था कि रिलायंस ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन में उसके कुएं से गैस निकाली। हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिलायंस ने 14 मई को सबसे पहले याचिका दायर की। इसके बाद उसके साझेदारों यूके की BP पीएलसी की सहायक कंपनी बीपी एक्सप्लोरेशन (अल्फा) और कनाडाई कंपनी निको लिमिटेड ने भी अलग-अलग याचिकाएं दायर कीं।
हाई कोर्ट ने 14 फरवरी को रिलायंस और उसके साझेदारों के खिलाफ फैसला सुनाया था। कोर्ट ने सरकार के दावे को सही ठहराया था। कोर्ट का कहना था कि रिलायंस ने ओएनजीसी के ब्लॉक से गैस निकालकर 'अनुचित लाभ' कमाया है। ओएनजीसी का ब्लॉक रिलायंस के KG-D6 फील्ड के बगल में ही है। यह मामला 2013 का है। ओएनजीसी ने दावा किया था कि उसके IG और KG-DWN-98/2 ब्लॉक, रिलायंस के KG-D6 फील्ड के साथ एक कॉमन गैस पूल शेयर करते हैं। कंपनी ने हाई कोर्ट में कहा कि रिलायंस ने पहले ही KG-D6 को चालू कर दिया था और उस गैस को निकाल रही है जो उसके ब्लॉक से आई है। ओएनजीसी के ब्लॉक पर तब काम चल रहा था।
सरकार की डिमांड
तेल मंत्रालय ने हाई कोर्ट का रुख तब किया जब सिंगापुर के लॉरेंस वू के नेतृत्व वाले मध्यस्थता पैनल ने उसके दावे को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने लगभग 1.6 बिलियन डॉलर की लागत (ब्याज सहित) और 175 मिलियन डॉलर के अतिरिक्त 'लाभ पेट्रोलियम' की मांग की थी। यह मांग 31 मार्च, 2016 तक रिलायंस द्वारा की गई 'अनुचित लाभ की वसूली' के लिए थी। सरकार का कहना था कि रिलायंस ने गलत तरीके से गैस निकालकर जो पैसा कमाया है, उसे वापस किया जाए।
14 फरवरी के आदेश में, जस्टिस रेखा पल्ली और जस्टिस सौरभ बनर्जी की खंडपीठ ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसने सरकार के दावे को खारिज कर दिया था। कोर्ट ने जस्टिस अनूप जयराम भंबानी के उस पहले के आदेश को भी पलट दिया, जिसमें रिलायंस के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम के पक्ष में मध्यस्थता के फैसले
नई दिल्ली: देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप की होल्डिंग कंपनी टाटा संस की सालाना आम बैठक (AGM) अगले महीने होनी है। लेकिन इसमें अड़चन आ सकती है।…
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से आज शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल में गिरावट आई है। अमेरिका और ईरान ने फिलहाल एकदूसरे के ठिकानों पर हमले रोक…
नई दिल्ली: मार्च से जून के बीच विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में भारी बिकवाली की। लेकिन जुलाई में यह सिलसिला टूट गया। जुलाई में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने…
नई दिल्ली: रेयर अर्थ को नए जमाने की टेक्नोलॉजी की रीढ़ कहा जाता है। इनका यूज इलेक्टिक वीकल, इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और डिफेंस में होता है। अभी इसकी सप्लाई चेन पर…
नई दिल्ली: होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर से संकट गहरा गया है। यही वजह है कि कच्चे तेल की ढुलाई पर एक बार फिर से जियोपोलिटकल रिस्क प्रीमियम (Geopolitical…
नई दिल्ली: सरकार ने अनुराग जैन को नीति आयोग का नया सीईओ नियुक्त किया है। अनुराग जैन मध्य प्रदेश कैडर के 1989 बैच के IAS अधिकारी हैं। कैबिनेट की नियुक्ति…