सालभर की सैलरी से टिकट
पिचाई ने एक इंटरव्यू में बताया था कि पढ़ाई के लिए जब उन्होंने अमेरिका आने का फैसला किया था तो वह आसान नहीं था। उस वक्त उनके पिता ने अपनी सालभर की सैलरी देकर हवाई जहाज की टिकट खरीदी थी। अमेरिका में रहने के दौरान उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि जब वह अमेरिका आए थे तब आईएसडी कॉल का चार्ज 2 डॉलर प्रति मिनट लगता था। ज्यादा चार्ज की वजह से वह अपने घर पर बात तक नहीं कर पाते थे। जिंदगी में उन्होंने पहली बार कंप्यूटर अमेरिका में ही देखा था।सुंदर पिचाई ने मटेरियल इंजीनियर के रूप में शुरू किया और साल 2004 में एक प्रबंधन कार्यकारी के रूप में गूगल में शामिल हो गए। सुंदर पिचाई को वर्ष 2019 में गूगल और अल्फाबेट कंपनी का सीईओ बनाया गया था। आज पिचाई दुनिया के सबसे महंगे सीईओ हैं। पिचाई को पिछले साल यानी 2022 में 22.6 करोड़ डॉलर की सैलरी मिली। अगर भारतीय रुपयों में देखें तो यह 18,84,39,13,900 रुपये बैठती है। यानी पिचाई को पिछले साल रोजाना 5,16,27,161 रुपये मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ करीब 5400 करोड़ रुपये है।
