कभी बस का किराया देने के लिए नहीं थे पैसे, आज चला रहे 3,200 करोड़ रुपये की कंपनी
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19-01-2024 01:57 PM
नई दिल्ली: स्नैक्स बनाने वाली कंपनी प्रताप स्नैक्स का शेयर गुरुवार को कारोबार के दौरान 13 परसेंट उछल गया। खबरों के मुताबिक दिग्गज कंपनी हल्दीराम इसमें मैज्योरिटी स्टेक खरीदने की तैयारी में है। प्रताप स्नैक्स येलो डायमंड ब्रांड के तहत चिप्स, नमकीन और स्नैक्स बनाती है और उसका मुकाबला पेप्सी के ले ब्रांड के साथ है। इसमें वेंचर कैपिटल फर्म पीक एक्सवी पार्टनर्स की करीब 47% हिस्सेदारी है जिसे वह बेचना चाहती है। प्रताप स्नैक्स 2017 में लिस्ट हुई थी और पिछले साल इसका सालाना रेवेन्यू 20 करोड़ डॉलर था। कंपनी का दावा है कि वह रोजाना 1.2 करोड़ से अधिक स्नैक्स के पैकेट बेचती है। इसके नौ राज्यों में कुल 14 मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट हैं। कंपनी का मार्केट कैप करीब 3,272.22 करोड़ रुपये है। अमित कुमत इस कंपनी के एमडी एंड सीईओ हैं। एक नजर इस कंपनी के अब तक के सफर पर
1990 के दशक में इंदौर के अमित कुमत जब अमेरिका में पढ़ाई कर रहे थे तो उन्हें चिप्स बनाने का आइडिया आया था। दरअसल वह दाल-चावल के साथ पापड़ खाने के आदी थे लेकिन अमेरिका में देसी पापड़ नहीं मिलता था। इसकी कमी वह चिप्स खाकर पूरी करते थे। अमेरिका से साइंस में मास्टर्स डिग्री लेने के बाद वह कुछ अलग करने के जज्बे के साथ स्वदेश लौटे। लेकिन इंदौर लौटने पर उन्हें मनमुताबिक नौकरी नहीं मिली। हारकर उन्होंने अपने पिता के कपड़ों के बिजनस में हाथ बंटाना शुरू कर दिया। उनका कपड़ों का बिजनस अच्छा चलने लगा तो उन्होंने दूसरे क्षेत्रों में भी हाथ आजमाना शुरू कर दिया। 1996 से 1999 के बीच उन्होंने एक एसएपी ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खोला और केमिकल डाई का बिजनस भी शुरू किया। साथ ही एक वेबसाइट भी खोली।
कैसे हुई शुरुआत
लेकिन, डॉट कॉम का बुलबुला जल्द फूट गया और उनके बाकी बिजनस भी घाटे में चले गए। हालत यह हो गई कि उन पर 18 करोड़ का कर्ज चढ़ गया। उन दिनों को याद करते हुए अमित कहते हैं कि तब उनके पास बस में सफर करने के लिए भी पैसे नहीं थे। उन्हें दो बार सोचना पड़ता था कि बस से जाएं या फिर पैदल ही चलें। ऐसे मुश्किल समय में उन्होंने अपने बड़े भाई अपूर्व कुमत के दोस्त और पारिवारिक मित्र अरविंद मेहता को स्नैक्स बिजनस में 15 लाख रुपये का निवेश करने के लिए अप्रोच किया। रियल एस्टेट का बिजनस करने वाले अरविंद मेहता स्नैक्स बिजनस में पार्टनर बनने को तैयार हो गए। तीनों ने लखनऊ में चीज बॉल बनवाए और इन्हें इंदौर तथा दूसरे शहरों में बेचा। उनका यह बिजनस चल निकला।
फिर तीनों ने फिर इंदौर में चिप्स बनाने की एक यूनिट लगाई और बड़ी मात्रा में आलू चिप्स बनाए। अब वे कुछ जगहों पर फ्रिटो लेज को टक्कर देने लगे। 2006-07 में पेप्सिको इंडिया के लोकप्रिय प्रॉडक्ट कुरकुरे को टक्कर देने के लिए अमित की कंपनी येलो डायमंड ने चुलबुले लॉन्च किया। येलो डायमंड की कामयाबी को देखते हुए 2009 में जानी मानी ग्लोबल वेंचर कंपनी सिकोया कैपिटल ने कंपनी में निवेश के लिए संपर्क किया। लेकिन कुमत ब्रदर्स और मेहता ने हामी भरने के लिए 18 महीने इंतजार किया। इसके बाद वेंचर फर्म ने तीन करोड़ डॉलर का निवेश किया। इस निवेश से कंपनी ने नई मशीनें खरीदकर चिप्स, पोटैटो रिंग्स और नमकीन बनानी शुरू कर दी।
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