रूस ने 5 साल में भारत को 13 अरब डॉलर के हथियार बेचे
भारत के एचएएल प्लांट में रूस ने काफी सहयोग किया है। उन्होंने यह भी कहा कि रूस और भारत रूसी विमान सुखोई सुपरजेट के संयुक्त उत्पादन पर एक समझौता कर सकते हैं। रूस चाहता है कि भारत में सुखोई सुपरजेट का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाए। यूरी ने कहा कि रूस का यह विमान 100 सीटों वाला है और भारत में इसकी भारी मांग हो सकती है। उन्होंने कहा कि रूस इस दिशा में हर सहयोग करने के लिए तैयार है। चीन ने यूक्रेन युद्ध के दौरान रूस के साथ अपनी करीबी बढ़ा दी है।
आलम हो गया है कि रूस अब कई मामलों में चीन का जूनियर पार्टनर बन गया है। भारत के साथ चल रहे तनाव के बीच चीन ने रूस पर दबाव डाला था कि वह घातक हथियार न दे। हालांकि रूस अभी इससे पीछे नहीं हटा है। बता दें कि पिछले 5 साल में रूस ने भारत को 13 अरब डॉलर के हथियारों की सप्लाइ की है। अभी भारत की ओर से रूस को 10 अरब डॉलर के हथियारों का ऑर्डर दिया गया है। भारत करीब 60 फीसदी रूसी हथियारों पर निर्भर है। वहीं अमेरिका समेत पश्चिमी देश भारत पर दबाव डाल रहे हैं कि वह रूस से हथियारों की खरीद को कम कर दे। इसके बाद भी भारत अभी रूस से हथियारों की खरीद जारी रखे हुए है।
