बिहार में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू लालू की पार्टी आरजेडी के साथ मिलकर सरकार चला रही है। नीतीश भाजपा से रिश्ता तोड़ चुके हैं और खुद के लिए 2024 में नई भूमिका तलाश रहे हैं। हाल में वह भी दिल्ली, महाराष्ट्र और कोलकाता के दौरे पर रहे। दरअसल, 2024 से पहले भाजपा को टक्कर कौन देगा, जब इस सवाल का जवाब ढूंढा जाता था तो सभी कांग्रेस को बैकडोर पर रखने लगे थे। उन्हें लग रहा था कि फिलहाल उसकी हालत वैसी नहीं है लेकिन भारत जोड़ो यात्रा का असर शायद दिखने लगा है।
कर्नाटक में कांग्रेस की जीत ने अपने लिए रास्ता तो खोला ही है, जेडीयू और एनसीपी जैसे सहयोगी दलों को भी छिटकने से रोक लिया है। महाराष्ट्र में शरद पवार की पार्टी एनसीपी, कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की शिवसेना के साथ मिलकर सरकार चला चुकी है। अब नीतीश और पवार दोनों को संदेश मिल गया है कि तीसरे मोर्चे की बात भूल यूपीए को मजबूत करने का वक्त आ गया है। कहीं तीसरे मोर्चे के चक्कर में वोट तीन हिस्सों में न बंट जाए क्योंकि इसका भी फायदा भाजपा को ही मिलेगा।
