अब फिरेंगे अनिल अंबानी के दिन! 6,000 करोड़ रुपये के प्लान को शेयरहोल्डर्स ने दी मंजूरी
Updated on
21-10-2024 12:39 PM
नई दिल्ली: कर्ज में डूबे उद्योगपति अनिल अंबानी के लिए गुड न्यूज है। उनकी कंपनी रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरधारकों ने प्रीफेरेंशियल इश्यू के जरिए शेयर जारी करने और क्यूआईपी रूट के माध्यम से 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की कंपनी की योजना को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में बताया कि दोनों प्रस्तावों को शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है। पोस्टल बैलट के जरिए से प्रस्तावों के पक्ष में 98 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ है। रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड ने 19 सितंबर को 6,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना को मंजूरी दी थी। इसमें से 3,014 करोड़ रुपये शेयरों या परिवर्तनीय वारंट के तरजीही आवंटन के जरिए जुटाए जाने थे, जबकि 3,000 करोड़ रुपये क्यूआईपी के जरिए जुटाए जाएंगे।
पहले चरण में, रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर 240 रुपये प्रति शेयर के निर्गम मूल्य पर 12.56 करोड़ इक्विटी शेयर या परिवर्तनीय वारंट जारी करके 3,014 करोड़ रुपये का तरजीही नियोजन शुरू कर रहा है। इसमें से 1,104 करोड़ रुपये रिलायंस इन्फ्रा के प्रमोटर अपनी कंपनी राइजी इनफिनिटी के जरिए निवेश करेंगा। राइजी कंपनी के 4.60 करोड़ शेयर खरीदेगी। प्रीफेरेंशियल इश्यू में भाग लेने वाले दो अन्य निवेशक मुंबई स्थित फॉर्च्यून फाइनेंशियल एंड इक्विटीज सर्विसेज और फ्लोरिंट्री इनोवेशन एलएलपी हैं। फ्लोरिंट्री का स्वामित्व ब्लैकस्टोन के पूर्व कार्यकारी मैथ्यू साइरियाक के पास है, जबकि फॉर्च्यून फाइनेंशियल का स्वामित्व निमिश शाह के पास है।
रिलायंस कैप में पचड़ा
इस बीच अनिल अंबानी की एक और कंपनी रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए हिंदुजा ग्रुप को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। हिंदूजा ने इस कंपनी को ₹9,650 करोड़ में खरीदा था। लेकिन इस डील को अब तक कई तरह की रेगुलेटरी अप्रूवल नहीं मिल पाए हैं। पिछले महीने जारी किए गए हिंदुजा ग्रुप के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर के निवेशकों इसका मनमाफिक यूज नहीं कर पा रहे हैं। इस डील को रिलायंस कैपिटल के लेनदारों ने एक साल से अधिक समय पहले और एनसीएलटी ने फरवरी में मंजूरी दे दी थी।
लेकिन अब इसे आरबीआई, डीपीआईआईटी और इरडाई सहित अन्य से प्रमुख रेगलेटर्स से मंजूरी नहीं मिली है। डिबेंचर ट्रस्ट डीड के अनुसार हिंदुजा ग्रुप पर मंजूरी में तेजी लाने का दबाव बढ़ रहा है। इसकी डेडलाइन 30 नवंबर को खत्म हो रही है। एक सूत्र ने कहा कि ट्रस्ट डीड में उल्लेख है कि अधिग्रहण 30 नवंबर तक पूरा होना चाहिए। अगर तब तक सौदा पूरा नहीं होता है, तो पैसे वापस करने होंगे। हिंदुजा ग्रुप ने रिलायंस कैपिटल को खरीदने के लिए ₹9,650 करोड़ की बोली लगाई थी। इसके लिए कंपनी इक्विटी और ऋण के जरिए पैसा जुटाएगी।
कहां फंसा है मामला
इसमें से ₹7,300 करोड़ ऋण के माध्यम से जुटाए जाने हैं। पिछले महीने हिंदुजा ग्रुप ने 360 वन, टाटा कैपिटल और आदित्य बिड़ला फाइनेंस जैसे संस्थानों से निवेश के साथ साइक्वर इंडिया से एनसीडी के माध्यम से ₹3,000 करोड़ जुटाए। बाकी 4,300 करोड़ रुपये बार्कलेज के नेतृत्व वाले एनसीडी के माध्यम से जुटाए जाने की उम्मीद है। डीपीआईआईटी से मंजूरी मिलने में सबसे बड़ी बाधा यह है कि इक्विटी निवेश हिंदुजा ग्रुप की एक विदेशी यूनिट से आ रहा है।
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
मुंबई: गुजरात की एक एफएमसीजी कंपनी है गोकुल एग्रो रिसोर्सेज (Gokul Agro Resources)। इसके शेयर गुरुवार को ट्रेडिंग शेसन के दौरान NSE पर 7% से ज़्यादा चढ़ गए। विभिन्न तरह…
नई दिल्ली: मेटल और माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में एक फीसदी से ज्यादा गिरावट आई। BSE पर कंपनी का शेयर पिछले सत्र…
अगस्त का महीना अपने साथ कई बदलाव लेकर आ रहा है। इसमें रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग से जुड़े नियम, एलपीजी सिलेंडर की कीमत, विंडफॉल टैक्स, ITR डेडलाइन, क्रेडिट कार्ड…