अब नहीं बिकेगा हल्दीराम! बड़ी-बड़ी कंपनियां पड़ी हैं पीछे, जानिए क्या है कंपनी का नया प्लान
Updated on
17-10-2024 12:36 PM
नई दिल्ली: देश में नमकीन और मिठाई के प्रमुख ब्रांड हल्दीराम को खरीदने के लिए दुनिया की कई बड़ी-बड़ी कंपनियां लाइन में लगी हैं। हल्दीराम की प्रमोटर फैमिली ने पहले कंपनी में मैज्योरिटी स्टेक बेचने की योजना बनाई थी लेकिन अब उसने अपनी योजना बदल दी है। बिजनस अखबार मिंट की एक रिपोर्ट के मुताबिक परिवार अब कंपनी में 10 से 15 फीसदी हिस्सेदारी बेचना चाहता है। प्राइवेट इक्विटी फर्म बेन कैपिटल, ब्लैकस्टोन और टेमासेक होल्डिंग्स ने इसमें दिलचस्पी दिखाई है।
एक सूत्र ने कहा कि हल्दीराम परिवार अब मैज्योरिटी स्टेक नहीं बेचना चाहता है। अब कंपनी में माइनोरिटी स्टोक बेचने की योजना है। हल्दीराम का बिजनस अच्छा चल रहा है। यह मुनाफे में है और इससे काफी कैश मिल रहा है। 2032 तक भारत का स्नैक्स मार्केट दोगुना होकर 95,521.8 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यही वजह है कि दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियां इस मौके को भुनाना चाहती हैं। इस बारे में हल्दीराम स्नैक्स, बेन कैपिटल और ब्लैकस्टोन ने ईमेल का जवाब नहीं दिया जबकि टेमासेक होल्डिंग्स के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
कहां अटकी बात
इससे पहले मई में खबर आई थी कि बेन कैपिटल, ब्लैकस्टोन और टेमासेक होल्डिंग्स ने हल्दीराम में मैज्योरिटी स्टेक खरीदने में दिलचस्पी दिखाई थी। तब 8-10 अरब डॉलर के वैल्यूएशन पर 51 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए बातचीत चल रही थी। लेकिन वैल्यूएशन को लेकर मतभेदों के कारण बात आगे नहीं बढ़ पाई। इस बीच प्रमोटर फैमिली ने आईपीओ लाने पर भी विचार किया लेकिन उस पर भी बात नहीं बन पाई।
हल्दीराम के नागपुर और दिल्ली गुटों का मर्जर हो चुका है जिसे कंप्टीशन कमीशन ऑफ इंडिया ने पिछले साल मंजूरी दी थी। हल्दीराम स्नैक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड में हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड की 56% और हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड (HFIPL) की 44% हिस्सेदारी है। हल्दीराम ब्रांड की शुरुआत 1937 में गंगा बिसन अग्रवाल ने की थी। आज इसका बिजनस 100 से अधिक देशों में फैला हुआ है। कंपनी 400 से अधिक तरह के फूड आइटम्स बेचती है।
किससे है मुकाबला
भारत के स्नैक्स और नमकीन मार्केट में हल्दीराम का मुख्य मुकाबला बालाजी वैफर्स, बीकानेरवाला फूड्स, आईटीसी, पार्ले प्रॉडक्ट्स और पेप्सिको आदि से है। स्नैक फूड मार्केट में हल्दीराम की 21% और पेप्सिको की हिस्सेदारी 15% है। इस मार्केट में करीब 3,000 छोटे और रीजनल प्लेयर्स की हिस्सेदारी 40% है। एक रिपोर्ट के मुताबिक हल्दीराम फूड्स इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का रेवेन्यू फाइनेंशियल ईयर 2022 में 3,622 करोड़ रुपये था, जबकि हल्दीराम स्नैक्स प्राइवेट लिमिटेड का रेवेन्यू 5,248 करोड़ रुपये था। हल्दीराम की वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2022 में उसके कारोबार की बिक्री के मुताबिक लगभग 83,000 करोड़ रुपये है।
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