हिंदी मीडियम की वजह से कभी उड़ता था मजाक, फिर एक जिद से खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
Updated on
02-02-2024 01:31 PM
नई दिल्ली: पेटीएम के शेयर में लगातार गिरावट देखी जा रही है। पेटीएम पेमेंट बैंक (Paytm Payments Bank) पर भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के एक्शन के बाद शेयर में गिरावट आई है। पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा ने साल 2010 में पेटीएम की शुरुआत की थी। विजय शेखर शर्मा आज अरबपति हैं। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। यूपी के अलीगढ़ जिले के छोटे से गांव के निवासी विजय शेखर शर्मा ने अपनी मेहनत के दम पर सफलता की ऊंचाईयों को छुआ है। विजय शेखर शर्मा आज भारतीय युवा कारोबारियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गए हैं। विजय शेखर शर्मा उन लोगों में से हैं जिन्होंने दुनिया से अलग खड़े होना तो चुना मगर असफलताओं से हारे नहीं। विजय शेखर के शुरुआती पढ़ाई अलीगढ़ के छोटे से कस्बे हरदुआगंज के एक हिंदी मीडियम स्कूल से हुई है। इसके बाद दिल्ली कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग से उन्होंने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। इससे पहले उनकी पूरी पढ़ाई हिंदी मीडियम में हुई थी।
कभी उड़ता था मजाक
जब विजय शेखर इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने दिल्ली आए तो उन्हें हिंदी और इंग्लिश के बीच का बहुत बड़ा अंतर पता चला। हिंदी मीडियम से पढ़े विजय शेखर शर्मा की इंग्लिश उस समय अच्छी नहीं थी। इसके चलते साथ पढ़ने वाले इंग्लिश मीडियम के छात्र कई बार मज़ाक भी उड़ाते थे। हालांकि उन्हें कुछ ऐसे साथी भी मिले जिन्होंने इंग्लिश सीखने में उनकी मदद की। इंग्लिश को लेकर बहुत परेशानियां सामने आईं विजय के, वह फेल भी हुए, लेकिन उन्होंने ये मन बना लिया कि वह इसे सीख के ही दम लेंगे। ये उनकी इच्छाशक्ति ही थी जिसके दम पर उन्होंने जल्द ही इंग्लिश भाषा सीख ली।
ऐसे हुई पेटीएम की शुरुआत
वियज शेखर शर्मा ने साल 1997 में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही indiasite.net नाम की एक वेबसाइट बनाई थी। इसके बाद उन्होंने इसे लाखों रुपये में बेचा था। इसके बाद साल 2000 में उन्होंने one97 communication ltd की स्थापना की। इसपर जोक्स, रिंगटोन, परीक्षा के रिजल्ट और क्रिकेट मैच का स्कोर दिखाया जाता था। यही वन97 पेटीएम की पैरेंट कंपनी है। विजय शेखर ने साल 2010 में पेटीएम की शुरुआत साउथ दिल्ली के एक किराए के कमरे से की थी। इसके बाद विजय शेखर शर्मा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। वह लगातार सफलता की ऊंचाइयों को छूते चले गए।
ऐसे आया बिजनेस का आइडिया
विजय जब दिल्ली में रहते थे तब वह छुट्टी वाले दिन बाजारों में घूम कर फॉर्च्यून और फोर्ब्स जैसी मैगजीन्स की पुरानी कॉपियां खरीदा करते थे। इस दौरान किसी पुरानी मैग्जीन में उन्होंने एक बिजनेस मैन की सक्सेस स्टोरी पढ़ी। स्टोरी में बताया गया था कि कैसे अमेरिका के सिलिकॉन वैली में रहने वाले शख्स ने अपने गैराज से एक कंपनी शुरू की और उसे कामयाब बनाया। इस स्टोरी का विजय शेखर पर काफी असर हुआ और उन्होंने भी बिजनेस करने की ठान ली।
नई दिल्ली: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में थोड़ी देर में जानकारी देंगे। उससे पहले आज शेयर बाजार…
मुंबई: बेंगलुरु की हॉस्पिटल चेन चलाने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज Manipal Health Enterprises के शेयर आज इश्यू प्राइस से 11% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यह जहां बीएसई पर…
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…