कोई व्यक्ति जब देश के बाहर प्रधानमंत्री को अपमानित करता है तो वह देश को अपमानित करता है। जो लोकसभा में घंटों तक बयान दे और विदेश में जाकर कहे कि लोगों को बोलने नहीं दिया जाता, इस पर लोकसभा अध्यक्ष को कार्रवाई करनी चाहिए। जिस ढंग से लोकतंत्र और देश को अपमानित करते हैं, ये टुकड़े-टुकड़े गैंग की भाषा बोलते हैं।
12 मिनट चली राज्यसभा और...
उधर, उच्च सदन यानी राज्य सभा की कार्यवाही शुरू हुए 12 मिनट बीते थे तभी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल खड़े हुए। उन्होंने कहा कि मैं देश का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूं कि किस तरह से बहुत ही शर्मनाक तरीके से विपक्ष के वरिष्ठ नेता ने भारत के लोकतंत्र पर प्रहार किया है। यह सुनते ही सदन में शोर होने लगा। गोयल ने कहा कि विदेश में जाकर उन्होंने भारत की सेना का अपमान किया, भारत के सदन का अपमान किया, अध्यक्ष का अपमान किया। जिस प्रकार से उन्होंने प्रेस का अपमान किया, न्यायपालिका का अपमान किया और पूरे देश ने देखा कि विदेशी धरती पर जाकर विपक्ष के नेता ने किस प्रकार से पूरे भारतवासियों को चोट पहुंचाई है। उन्हें पूरे देश से और यहां आकर माफी मांगनी चाहिए। सदन में सेना, प्रेस, न्यायपालिका से माफी मांगनी चाहिए। इस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य खड़े रहे। बाद में राज्यसभा की कार्यवाही भी स्थगित कर दी गई।
जितना समय मिला उससे ज्यादा बोले राहुल
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि लोकसभा में राहुल गांधी को जितना समय दिया गया था उससे ज्यादा वह बोले हैं, फिर कैसे बोलते हैं कि उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया जाता। उन्होंने भारत के बाहर भारत का कितना अपमान किया.....उन्होंने (राहुल गांधी) भारत के लोकतंत्र को बचाने के लिए दूसरे देश से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया। ये भारत का, भारत के लोकतंत्र का और संसद का अपमान है। वह झूठ बोलकर इस देश का अपमान क्यों कर रहें?
राहुल गांधी के सपोर्ट में खड़ हुए खरगे
संसद में सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी की स्पीच पर सवाल उठाया तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हम अडानी शेयरों के मुद्दे पर JPC के गठन की मांग कर रहे हैं। जब हम इस मुद्दे को उठाते हैं तो माइक बंद कर दिया जाता है और सदन में हंगामा शुरू हो जाता है। इसके लिए आज भी हम JPC की मांग कर रहे हैं। वे खुद यहां लोकतंत्र को कुचल रहे हैं और हर एजेंसी का गलत उपयोग कर रहे हैं। वे देश को एक तानाशाही की तरह चला रहे हैं और फिर ये लोग लोकतंत्र और देशभक्ति की बात करते हैं।
