लू से निपटने को HAPs बनते तो हैं मगर धरातल पर उनकी स्थिति कुछ और हैं। सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च (CPR) का एक आंकलन बताता है कि 18 राज्यों के 37 HAPs में कई स्तर पर बड़ा अंतर मिला। CPR के मुताबिक, HPAs में स्पष्ट लोकेशन, खतरे के आंकलनों, वित्तपोषण और पारदर्शिता की कमी है। सेंटर ने HAPs के रिव्यू में पाया कि उन्होंने अपनी अथॉरिटी के लीगल सोर्सेज के बारे में नहीं बताया। उनके सारे प्लान खतरे वाले समूहों की पहचान करने में फेल हुई। इन 37 HPAs में नौ सिटी-लेवल, 13 डिस्ट्रिक्ट और 15 स्टेट लेवल HAP हैं।
