इस्लामाबाद: पाकिस्तान की जनता इन दिनों छूट पर मिलने वाला सस्ता खाना खरीदने के लिए बेहाल है। देश में महंगाई 48 सालों में अपने चरम स्तर पर है और बिजली संकट ने हालात बेकाबू कर दिए हैं। पाकिस्तान इस समय वहां पर है, जहां से लौटना उसके लिए काफी चुनौतीपूर्ण है। मुद्रा संकट से लेकर मानवाधिकार और राजनीतिक संकट ने स्थिति को और जटिल बना दिया है। विदेशी मुद्रा भंडार अब इस स्तर पर जहां से सिर्फ तीन हफ्तों का ही आयात किया जा सकता है। दशकों में पहली बार देश इतनी विकट स्थिति में है कि हालात श्रीलंका और घाना की तरह हो गए हैं।