पाकिस्तान ने सऊदी से लोन लेकर चुकाया UAE का पूरा कर्ज, 3.45 अरब डॉलर लौटाया, 'प्रतिष्ठा' का दिया ज्ञान
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24-04-2026 05:26 PM
इस्लामाबाद: संयुक्त अरब अमीरात की सख्ती के आगे ईरान से पींगे बढ़ा रहे पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए हैं। गंभीर वित्तीय संकट में घिरे पाकिस्तान ने यूएई को बकाया 3.45 अरब अमेरिकी डॉलर का पूरा कर्ज लौटा दिया है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। पाकिस्तान ने यह पैसा सऊदी अरब और कतर जैसे देशों से लोन लेकर यूएई को लौटाया है। पाकिस्तान और यूएई के बीच तनाव काफी बढ़ा हुआ है। यूएई के लोन वापस मांग लेने की वजह से पाकिस्तानी भड़के हुए हैं और जहरीले बयान दे रहे हैं। पाकिस्तान के एक सीनेटर ने तो यूएई को बेचारा कहकर उसका मजाक उड़ाया था और भारत संग दोस्ती को लेकर तंज कसा था।
एक पाकिस्तानी अधिकारी ने डॉन से बातचीत में कहा कि पाकिस्तान ने यह यूएई का लोन लौटाने का फैसला 'राष्ट्रीय गरिमा' को बरकरार रखने के लिए लिया है। वह भी तब जब यह उसके विदेशी मुद्रा भंडार को बहुत ज्यादा प्रभावित करेगा। यूएई कई बार अपना लोन मांग चुका है और पाकिस्तान उसे नहीं लौटाने के लिए बहाने ढूंढ रहा है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान (एसबीपी) ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि यह भुगतान 23 अप्रैल को पूरा किया गया। एक अरब डॉलर की राशि अबू धाबी फंड फॉर डेवलपमेंट को चुकाई गई, जबकि 2.45 अरब डॉलर का भुगतान पिछले सप्ताह कर दिया गया था। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान को हाल ही में सऊदी अरब से तीन अरब डॉलर की वित्तीय सहायता मिली है। यह राशि दो किस्तों में आई, जिसमें दूसरी किस्त के रूप में एक अरब डॉलर 21 अप्रैल को प्राप्त हुए।
पाकिस्तान की ईरान से दोस्ती से खुश नहीं है यूएई
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर अमेरिका-इजरायल के साथ बढ़े तनाव के बाद यूएई ने पाकिस्तान से यह धन तत्काल लौटाने को कहा था। यह राशि 2019 में यूएई द्वारा पाकिस्तान को उसके भुगतान संतुलन को स्थिर करने के लिए दी गई बाहरी वित्तीय सहायता का हिस्सा थी। इससे पहले मार्च में पाकिस्तान यूएई के साथ लगभग 3.5 अरब डॉलर की जमा राशि को आगे बढ़ाने (रोलओवर) का समझौता करने में नाकाम रहा था, जिससे अल्पकालिक वित्तीय स्थिति को लेकर चिंता बढ़ी थी।
विश्लेषकों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) समर्थित सुधार कार्यक्रम के तहत स्थिरता के प्रयास जारी हैं, लेकिन ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक पूंजी बाजार की सीमित उपलब्धता के बीच बाहरी वित्तीय जोखिम अभी भी एक बड़ी चुनौती बने हुए हैं। पाकिस्तान इस समय भयानक आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में यूएई के पैसे वापस मांग लेने से उसकी टेंशन और बढ़ गई है। ईरान युद्ध में पाकिस्तान की भूमिका से यूएई खुश नहीं है। पाकिस्तान की कोशिश है कि ईरान को खुश किया जाए लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को खुलवाने पर कोई बात नहीं कर रहा है। वहीं होर्मुज के बंद होने से यूएई को अरबों का घाटा हो रहा है। ईरान ने इजरायल के बाद सबसे ज्यादा मिसाइलें यूएई पर बरसाई हैं जिससे उसकी हालत है। पाकिस्तान ने UAE की कोई मदद नहीं की है।
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