तुर्की के पूर्व वित्त मंत्री और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन के दामाद बेरात अल्बायरक के लीक ईमेल से पता चला था कि कथित तौर पर लीबियाई समूहों को हथियार देने में IHH ने अहम भूमिका निभाई थी। IHH की पहचान एक ऐसे संगठन के रूप में की गई है जो तुर्की की खुफिया सेवा MIT के साथ मिलकर काम करता है। नॉर्डिक मॉनिटर की एक रिपोर्ट के अनुसार, पीएफआई की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के सदस्य ईएम अब्दुल रहिमन और पी कोया की IHH द्वारा इस्तांबुल में निजी तौर पर मेजबानी की गई थी।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि पीएफआई ने युवाओं को लश्कर-ए-तैयबा, अल कायदा और आईएसआईएस जैसे आतंकवादी समूहों में शामिल होने के लिए बरगलाया। इसमें कहा गया है कि इस्लामी चरमपंथी संगठन ने हिंसक जिहाद के तहत आतंकवादी कृत्यों को अंजाम दिया और भारत में इस्लामी शासन की स्थापना की साजिश रची।