महबूबा का प्रस्ताव क्यों ठुकराया था, मलिक ने बताया
मलिक ने महबूबा मुफ्ती पर भी झूठ बोलने का आरोप लगाया। महबूबा ने बीजेपी से गठबंधन टूटने पर नवंबर 2018 में नई सरकार गठन के गठन का दावा किया था। लेकिन बतौर राज्यापल ने उनका प्रस्ताव ठुकरा दिया था। उन्होंने ऐसा क्यों किया? इस सवाल पर मलिक ने कहा कि एक तरफ महबूबा ने नैशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के समर्थन का दावा किया था तो दूसरी तरफ एनसी ने उनसे (राज्यपाल से) विधानसभा भंग करने की मांग कर डाली क्योंकि पार्टी को विधायकों की खरीद-फरोख्त का डर था।
राम माधव पर गंभीर आरोप
मलिक ने बीजेपी नेता राम माधव पर भी गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि माधव ने एक पनबिजली योजना और रिलायंस इंश्योरेंस स्कीम की मंजूरी के लिए उनसे संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने (मलिक ने) साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं गलत काम नहीं करूंगा।' राम माधव ने मलिक के इस दावे को झूठा बताते हुए मानहानि का मुकदमा दर्ज करने की बात कही है।
