पीएम मोदी की 'ब्रांड एम्बेसडर बेटी' ने लिया रिटायरमेंट, ओलंपिक में हैट्रिक से रचा था इतिहास
Updated on
01-04-2025 01:04 PM
नई दिल्ली: भारत को टैलेंट की खान कहा जाता है। छोटे घर से निकलने वाले बच्चे भारत की शान बनते हैं। दुनियाभर में तिरंगे का मान रखते हैं। अब भारतीय महिला टीम की दिग्गज खिलाड़ी वंदना कटारिया को ही ले लीजिए। वह उत्तराखंड (तब उत्तर प्रदेश) के हरिद्वार के रोशनाबाद में 15 अप्रैल 1992 को जन्मी इस खिलाड़ी ने दुनियाभर में अपनी हॉकी की जादूगरी दिखाई। तोक्यो ओलंपिक 2020 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ नाजुक स्थिति में हैट्रिक दागकर जीत दिलाई तो वंदना के नाम ओलंपिक में पहली भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी होने का सम्मान जुड़ा। 2021 में वह पीएम नरेंद्र मोदी के प्रमुख अभियान 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की ब्रांड एम्बेसडर भी बनीं। अब वंदना ने रिटायरमेंट का ऐलान किया है।
उन्होंने मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय हॉकी को अलविदा कह दिया और कहा कि अपने 15 वर्ष के सुनहरे कैरियर के शिखर पर वह विदा ले रही हैं। भारत के लिए 320 मैच खेल चुकी 32 वर्ष की स्ट्राइकर कटारिया ने भारतीय महिला हॉकी के इतिहास में सबसे ज्यादा मैच खेले हैं। देश की बेटी ने कहा, ‘आज भारी लेकिन कृतज्ञ मन से मैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी से विदा ले रही हूं। यह फैसला सशक्त सशक्त करने वाला और दुखी करने वाला दोनों है। मैं इसलिए नहीं हट रही हूं, क्योंकि मेरे अंदर की आग मंद पड़ गई है या मेरे भीतर हॉकी नहीं बची है, बल्कि इसलिए क्योंकि मैं अपने करियर के शिखर पर संन्यास लेना चाहती हूं, जबकि मैं अभी भी अपने सर्वश्रेष्ठ स्तर पर हूं।’
उन्होंने कहा, ‘यह विदाई थकान की वजह से नहीं है। यह अंतरराष्ट्रीय मंच को अपनी शर्तों पर छोड़ने का एक विकल्प है, मेरा सिर ऊंचा रहेगा और मेरी स्टिक अभी भी आग उगल रही होगी। भीड़ की गर्जना, हर गोल का रोमांच और भारत की जर्सी पहनने का गर्व हमेशा मेरे मन में गूंजता रहेगा।’ 2009 में सीनियर टीम में पदार्पण करने वाली कटारिया तोक्यो ओलंपिक 2020 में चौथे स्थान पर रही भारतीय टीम का हिस्सा थी जिसमें उन्होंने हैट्रिक भी लगाई। ऐसा करनी वाली वह पहली और इकलौती भारतीय महिला खिलाड़ी हैं।
कटारिया ने कहा, ‘अपनी साथी खिलाड़ियों, अपनी बहनों से मैं यही कहूंगी कि आपके लगाव और विश्वास ने मुझे बल दिया। मेरे कोचों और मेंटर्स ने अपनी सूझबूझ और मुझ पर भरोसे के सहारे मेरे कैरियर को तराशा।’ हरिद्वार की रहने वाली कटारिया ने फरवरी में भुवनेश्वर में एफआईएच प्रो लीग में भारत के लिए आखिरी मैच खेला। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, ‘मेरे दिवंगत पिता मेरी चट्टान, मेरे मार्गदर्शक थे। उनके बिना मेरा सपना कभी पूरा नहीं होता। उनके बलिदानों और प्यार से मेरे खेल की नींव पड़ी। उन्होंने मुझे सपने देखने, लड़ने और जीतने के लिए मंच दिया।’
उन्होंने कहा, ‘लेकिन मेरी कहानी यहां खत्म नहीं होती। यह नयी शुरुआत है। मैं हॉकी उठाकर नहीं रखूंगी। मैं खेलती रहूंगी। हॉकी इंडिया लीग में और उसके अलावा भी। टर्फ पर अभी भी मेरे कदम पड़ेंगे और खेल के लिए मेरा जुनून कम नहीं होगा।’ उन्होंने कहा, ‘मैं अंतरराष्ट्रीय हॉकी से विदा ले रही हूं लेकिन हर स्मृति, हर सबक और सारा प्यार साथ लेकर जा रही हूं।’
ग्लासगो: खेल का मैदान चाहे कोई भी हो, भारतीय खिलाड़ियों को पाकिस्तान के सामने जीत दर्ज कर एक अलग सुकून मिलता है। अबकी बार ये मौका मुक्केबाज जादूमणि सिंह के…
नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम का जिम्बाब्वे दौरा खत्म हो चुका है। श्रेयस अय्यर की अगुवाई में युवा टीम इंडिया ने मेजबानों को 3-0 से मात दी। इस सीरीज में…
नई दिल्ली: भारतीय टी20 टीम की कप्तानी गंवाने और टीम से बाहर होने का झटका झेल चुके स्टार बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव ने हार नहीं मानी है। टीम इंडिया में दोबारा…
WWE के इतिहास में कई दिग्गज सुपरस्टार आए, लेकिन जॉन सीना ने जो पहचान बनाई, वह बहुत कम रेसलर्स को नसीब हुई। करीब 2 दशकों तक उन्होंने अपने दमदार मुकाबलों…
नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद खिलाड़ी खेल से ही जुड़े पैसों को अपना करियर बनाते हैं, चाहे वह कमेंट्री हो, कोचिंग…
नई दिल्ली: स्कॉटलैंड के ग्लास्गो में आज से कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत हो रही है। पिछली बार 2022 में बर्मिंघम में गेम्स का आयोजन हुआ था। इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स…
नई दिल्ली: भारत की राजधानी के जंतर मंतर पर NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर सीजेपी का प्रदर्शन हो रहा है। इसमें भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे…
नई दिल्ली: भारतीय टीम जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 सीरीज खेलने के लिए तैयार है। तीन मैचों की सीरीज का पहला मुकाबला आज यानी गुरुवार को होगा। दोनों टीमों की टक्कर…