25 लोकसभा सीटें साधने की तैयारी, दिल्ली से UP के लिए BJP की पसमांदा स्नेह यात्रा कल से
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26-07-2023 02:51 PM
लखनऊ: 2014 से विजय रथ पर सवार बीजेपी अपने विस्तार का कोई भी मौका छोड़ नहीं रही है। अब उसकी नजर विपक्ष के वोटों की बची पूंजी साधने पर है, जिससे 2024 में भी अजेय रहा जा सके। लोकसभा में बहुमत के लिए बीजेपी इस बार मिशन अल्पसंख्यक शुरू करने जा रही है। इसकी शुरुआत पसमांदा मुस्लिमों को साधने से हो रही है। बीजेपी 27 जुलाई को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर दिल्ली से पसमांदा स्नेह यात्रा निकालने जा रही है। यात्रा को भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा एक अगस्त को गाजियाबाद से यूपी में दाखिल होगी।
यह यात्रा एक अगस्त को दिल्ली के तुर्कमान गेट से गाजियाबाद में दाखिल होगी और दो अगस्त को बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर में होगी। इसके बाद सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर होते हुए छह अगस्त को लखनऊ पहुंचेगी। लखनऊ से यात्रा सात अगस्त को बाराबंकी होते हुए पूर्वांचल की ओर बढ़ेगी। बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, फैजाबाद, सुलतानपुर, अमेठी, प्रयागराज, जौनपुर, देवरिया, आजमगढ़ से होते हुए गोरखपुर और फिर 19 अगस्त को कुशीनगर जाएगी। कुशीनगर से यात्रा बिहार की ओर चली जाएगी। इस दौरान अलग-अलग जिलों में सम्मेलन भी होंगे।
अब पसमांदा पर ही फोकस
पिछले साल हैदराबाद में हुई बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में पीएम मोदी ने अल्पसंख्यकों के जिस ‘वंचित वर्ग’ को अपना बनाने की बात कही थी, यूपी बीजेपी ने उन पसमांदा मुस्लिमों से रिश्ता बढ़ाने की पहल शुरू कर दी है। अब मुस्लिमों में पहला फोकस पसमांदा पर है। इस यात्रा की यूपी में जिम्मेदारी संभाल रहे बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चे के प्रदेश अध्यक्ष कुंवर बाशित अली कहते हैं कि स्नेह यात्रा का रथ उन मुस्लिम बहुल इलाकों से होकर गुजरेगा, जहां पसमांदा मुस्लिम ज्यादा हैं। यह यात्रा दिल्ली, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, राजस्थान होते हुए हरियाणा के मेवात तक जाएगी। 15 अक्टूबर को मेवात में बड़ा पसमांदा मुस्लिम सम्मेलन होगा।
पसमांदा मुस्लिमों पर फोकस क्यों?
बीजेपी ने अल्पसंख्यकों में भी पसमांदा पर अपना फोकस इसलिए किया है, क्योंकि यूपी के मुस्लिमों में 90% इसी समाज के लोग हैं। इनमें ज्यादातर उपेक्षित वर्ग से आते हैं, इस वजह से केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा भी इन्हीं को मिला है। योजनाओं के करीब साढ़े चार करोड़ लाभार्थी इसी समाज से हैं। बीजेपी यह मानती हैं कि 2022 के विधानसभा चुनाव में 8% मुस्लिमों ने भी भाजपा को अपना मत दिया था। इसके बाद 60% से ज्यादा मुस्लिम आबादी वाली रामपुर लोकसभा, रामपुर विधानसभा और विपरीत समीकरणों वाली आजमगढ़ लोकसभा सीट को उपचुनाव में जीतने में सफलता भी बगैर पसमांदा मुस्लिमों पर भरोसा किए बिना नहीं मिल सकती थी। स्वार विधानसभा सीट के उपचुनाव में बीजेपी के सहयोगी अपना दल का मुस्लिम विधायक भी जीत गया। इस वजह से उपचुनाव के प्रयोग को ही विस्तार दिया जा रहा है।
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