अडानी-आईटीसी को पटखनी देने की तैयारी, क्या है मुकेश अंबानी का 3,900 करोड़ का प्लान?
Updated on
05-09-2024 11:38 AM
नई दिल्ली: मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज एफएमसीजी सेक्टर में बड़ा दांव खेलने की तैयारी में है। रिलायंस अपनी FMCG यूनिट में इक्विटी और डेट के जरिए 3,900 करोड़ रुपये तक की बड़ी पूंजी झोंकने की तैयारी कर रही है। इस सेक्टर में उसका मुख्य मुकाबला हिंदुस्तान यूनिलीवर, ITC, कोका-कोला, अडानी विल्मर और दूसरी कंपनियों से है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (RCPL) के बोर्ड ने 24 जुलाई को आयोजित एक असाधारण आम बैठक में इसके लिए विशेष प्रस्ताव पारित किया। कंपनी ने रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज (RoC) को अपनी लेटेस्ट रेगुलेटरी फाइलिंग में यह बात कही है। इस कंपनी की स्थापना नवंबर 2022 में की गई थी और उसके बाद से रिलायंस का इस कंपनी में यह सबसे बड़ा पूंजी निवेश होगा।
फाइलिंग के अनुसार RCPL ने कंपनी की अधिकृत शेयर पूंजी को 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 100 करोड़ रुपये कर दिया है और 3,000 करोड़ रुपये तक अतिरिक्त पूंजी जुटाने का प्रस्ताव पारित किया है। कंपनी ने ₹10 अंकित मूल्य के 775 मिलियन तक के अनसिक्योर्ड जीरो-कूपन ऑप्शनली फुली कनवर्टीबल डिबेंचर को नकद में ऑफर करने, जारी करने और आवंटित करने के लिए भी बोर्ड की मंजूरी भी ले ली है। यह एक या अधिक किस्तों में राइट्स के आधार पर ₹775 करोड़ के बराबर है। बिजनेस इंटेलिजेंस फर्म AltInfo के संस्थापक मोहित यादव ने कहा कि पूंजी जुटाने का कदम कंपनी की महत्वाकांक्षी विकास योजनाओं का संकेत देता है।
ईशा अंबानी ने क्या कहा
उन्होंने कहा कि यह रणनीतिक कदम बताता है कि RCPL संभावित अधिग्रहण, बड़े विस्तार या अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और बाजार में उपस्थिति में महत्वपूर्ण निवेश के लिए खुद को तैयार कर रही है। इस बारे में RCPL ने ईमेल का जवाब नहीं दिया। कंपनी ने 2023-24 में अपने परिचालन का पहला पूरा वर्ष पूरा कर लिया। एक सूत्र ने कहा कि मौजूदा प्रस्तावों को RCPL बोर्ड द्वारा एक निश्चित राशि तक पूंजी जुटाने के लिए पारित किया गया है, लेकिन कितना और कब जुटाया जाए, इस पर अंतिम निर्णय अभी लिया जाना बाकी है।
आरसीपीएल को वित्त वर्ष 2024 में अपनी होल्डिंग कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स से राइट्स के आधार पर ₹792 करोड़ की ऋण पूंजी प्राप्त हुई थी। वित्त वर्ष 2023 में, आरसीपीएल ने उसी डिबेंचर रूट के माध्यम से ₹261 करोड़ जुटाए थे। रिलायंस रिटेल वेंचर्स की डायरेक्टर ईशा अंबानी ने पिछले हफ्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज की एजीएम में शेयरधारकों से कहा था कि उपभोक्ता ब्रांड व्यवसाय में कंपनी का जोर पूरे भारत में अधिक से अधिक खपत को बढ़ावा देने के लिए सस्ती कीमतों पर उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद बनाने पर केंद्रित है।
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