लैब में तैयार हो रहे हीरे की कीमतें गिरीं, लोग इस वजह से चुका रहे ज्यादा दाम, देखें डिटेल्स
Updated on
25-05-2024 12:44 PM
मुंबई: सिंथेटिक डायमंड या यों कहें कि Lab Grown Diamond (LGD) की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं। लेकिन इसके बाद भी ग्राहक ज्यादा कीमतें चुका रहे हैं। ग्लोबल मार्केट्स में ओवरप्रोडक्टशन के कारण FY24 में इंडियन लैब ग्रोन डायमंड की कीमतों में 45 फीसदी की गिरावट आई है। लेकिन ज्यादा कीमत बाजार में वसूली जा रही है। उन्मेदमल त्रिलोकचंद झवेरी के प्रमुख कुमार जैन के मुताबिक, गोल्ड महंगा होने से लोगों का एलजीबी की ओर थोड़ा आकर्षण बढ़ा है। लोगों को लग रहा है कि उन्हें अच्छी डील मिल रही है। लेकिन ऐसा नहीं है। सिंथेटिक डायमंड की ट्रेड 99 पर्सेंट के लो पर हो रही है। इसकी कीमतों का कोई फिक्स पैमाना नहीं है। इसकी वजह से बड़े जूलरी कारोबारी अभी इससे दूर हैं।
बिक्री में हुआ इजाफा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि नेचुरल डायमंड की तुलना में एलजीडी बहुत सस्ते होते हैं। यह वैसे ही दिखते भी हैं। अमेरिका जैसे बाजारों में इनकी ज्यादा बिक्री होती है। भारत में सरकारी प्रोत्साहन के चलते सेल्स जोर पकड़ रही है। हालांकि कुछ इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ जूलर्स इसलिए भी लैब ग्रोन को पुश कर रहे हैं, जिससे बड़ा प्रॉफिट मार्जिन पाया जा सके।
इस वजह से गिर रहे भाव
Maitri Lab Grown डायमंड के डायरेक्टर शाजिल शाह के मुताबिक, एलजीडी की कीमतों में गिरावट की एक वजह यह भी है कि प्रोडक्शन के लिए अचानक बहुत सारे लोग मैदान में आ गए हैं। अब सिंथेटिक डायमेंड की कीमतों में गिरावट से मैन्युफैक्चरर्स को नुकसान हो रहा है। नेचुरल डायमंड में अग्रणी रिटेलर Jaipur Gems के सीईओ सिद्धार्थ सचेती के मुताबिक, लैब ग्रोन जब शुरू हुआ था, तब नेचुरल डायमंड से यह 65-70 पर्सेंट तक सस्ता मिल जाता था। लेकिन बाद में जब हर कोई लैब में झटपट डायमंड बनाने लगा तो इसकी ओवरसप्लाई होने लगी। हाल यह है कि रेपापोर्ट प्राइस के मुताबिक, नेचुरल डायमंड से 60-70 पर्सेंट के डिस्काउंट पर मिलने वाला एलजीडी 99.9 पर्सेंट डिस्काउंट पर मिल रहा है। रेपापोर्ट प्राइस में एलजीडी की प्राइस को नेचुरल डायमंड के मुताबिक तय किया जाता है।
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…