Select Date:

त्योहारी सीजन में सस्ती होगी दाल! मुनाफाखोरों के खिलाफ एक्शन में सरकार, जानिए क्या है प्लान

Updated on 09-10-2024 12:43 PM
नई दिल्ली: पिछले तीन महीने में मंडियों में दालों की कीमत में 10% गिरावट आई है। लेकिन इसके बावजूद दालों की रिटेल कीमत में कोई कमी नहीं आई है। इस पर अब सरकार एक्शन में आ गई है। सरकार ने दालों के खुदरा विक्रेताओं से थोक कीमतों में गिरावट का लाभ आम उपभोक्ताओं को देने को कहा है। इसके साथ ही सरकार ने चेताया कि यदि वे असामान्य रूप से मुनाफा कमाते हैं तो उनके खिलाफ आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। एक सरकारी बयान के अनुसार उपभोक्ता मामलों के विभाग की सचिव निधि खरे ने मंगलवार को भारतीय खुदरा विक्रेताओं के संघ RAI और प्रमुख संगठित खुदरा श्रृंखलाओं के साथ प्रमुख दालों की कीमतों के आउटलुक और रुझानों पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।

यह बैठक त्योहारी सत्र को देखते हुए महत्वपूर्ण है। इसमें कहा गया कि हाल के महीनों में अधिकांश दालों की मंडी (थोक) कीमतों में गिरावट का रुख रहा है, जबकि इस साल खरीफ दालों की बेहतर उपलब्धता और अधिक बुवाई का रकबा है। खरे ने बताया कि पिछले तीन महीनों के दौरान प्रमुख मंडियों में अरहर और उड़द की कीमतों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की गिरावट आई है, लेकिन खुदरा कीमतों में ऐसी गिरावट नहीं देखी गई है।

थोक कीमतों में गिरावट


उन्होंने कहा कि चने के मामले में पिछले एक महीने में मंडी कीमतों में गिरावट देखी गई है, लेकिन खुदरा कीमतों में वृद्धि जारी है। उन्होंने कहा कि थोक मंडी कीमतों और खुदरा कीमतों के बीच अलग-अलग रुझान खुदरा विक्रेताओं द्वारा निकाले जा रहे अनुचित मार्जिन का संकेत देते हैं। रुझानों पर बारीकी से नजर रखी जा रही है और अगर अंतर बढ़ता हुआ पाया जाता है तो आवश्यक उपाय शुरू करने होंगे।

बैठक में आरएआई के अधिकारियों और रिलायंस रिटेल लिमिटेड, विशाल मार्ट, डी मार्ट, स्पेंसर और मोर रिटेल के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बयान में कहा गया कि मौजूदा उपलब्धता की स्थिति और मंडी कीमतों में नरमी को देखते हुए सचिव ने खुदरा उद्योग से कहा कि वे दालों की कीमतों को उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाए रखने के सरकार के प्रयासों में हरसंभव सहायता प्रदान करें।

कहां से आ रही है दाल


उन्होंने संगठित खुदरा श्रृंखलाओं से भारत दालों, विशेष रूप से भारत मसूर दाल और भारत मूंग दाल के वितरण में एनसीसीएफ और नेफेड के साथ समन्वय करने को कहा। उपलब्धता के बारे में खरे ने कहा कि खरीफ की उड़द और मूंग की आवक बाजारों में शुरू हो गई है, जबकि पूर्वी अफ्रीकी देशों और म्यांमार से तुअर और उड़द का आयात घरेलू स्टॉक को बढ़ाने के लिए लगातार हो रहा है।

रबी की बुवाई की तैयारी में, कृषि विभाग ने दालों का उत्पादन बढ़ाने और आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से प्रत्येक प्रमुख उत्पादक राज्य को केंद्रित योजनाएं सौंपी हैं। नेफेड और एनसीसीएफ आगामी रबी सत्र में किसानों के पंजीकरण और किसानों के बीच बीज वितरण में शामिल होंगे, जैसा कि इस साल खरीफ बुवाई सत्र में किया गया था।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 01 August 2026
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
 01 August 2026
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
 01 August 2026
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
 01 August 2026
नई दिल्ली: भारत के सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में जुलाई 2026 के दौरान जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी मासिक…
 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: भारतीय रेल (Indian Railways) की ट्रेन में आप अक्सर यात्रा करते होंगे। उसमें आप ऐसी ढेरों चीजें नोट करते होंगे जो कि किसी 'ग्राहक के अधिकार' के विपरीत…
 31 July 2026
नई दिल्ली: जिंदगी में जब सब कुछ खत्म होता नजर आता है, तब कभी-कभी वहीं से एक नई और शानदार शुरुआत का रास्ता भी निकलता है। उत्तर प्रदेश के रामपुर…
 31 July 2026
नई दिल्ली: टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा स्टील जर्मनी की कंपनी मार्ट्रेड के साथ अपनी 25 साल पुरानी पार्टनरशिप खत्म करने जा रही है। दोनों कंपनियों ने 2001 में जॉइंट…
 31 July 2026
नई दिल्ली: कंपनियां अब अपने कर्मचारियों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए पुराने ढर्रे के इंश्योरेंस से आगे बढ़ रही हैं। अब साधारण मेडिकल इंश्योरेंस के अलावा कैंसर जैसी…
Advt.