Select Date:

रेलवे ने नहीं लौटाया Cancelled Ticket का पैसा, अब भरेगा 25000 का हर्जाना, 11 साल का ब्याज भी भरना होगा

Updated on 17-01-2024 02:13 PM
नई दिल्ली: लापरवाह कर्मचारियों की वजह से एक बार फिर से रेलवे (Indian Railways) की भद पिटी है। दिल्ली के कंज्यूमर कोर्ट ने रेलवे को सेवा में कमी का दोषी पाया है। मामला कैंसिल्ड वेटलिस्टेड टिकट (Cancelled Ticket) का पैसा नहीं लौटाने का है। पीड़ित ग्राहक ने उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने टिकट का पैसा सात फीसदी का ब्याज के साथ एक महीने में लौटाने में आदेश दिया है। साथ ही कोर्ट के खर्चे के लिए रेलवे को 25 हजार रुपये का जुर्माना भी भरने को कहा है।

क्या है मामला

यह मामला दिल्ली के रहने वाले संदीप कुमार मिश्रा का है। उन्होंने आईआरसीटीसी (IRCTC) की टिकटिंग वेबसाइट से 17 अक्टूबर 1012 को छह यात्रियों के लिए एक वेटलिस्टेड जर्नी टिकट (Waiting List Ticket) खरीदा। यह टिकट 19 अक्टूबर 2012 की यात्रा के लिए कोचेगुडा से गोरखपुर के लिए बुक था। जब चार्ट बना तो तीन यात्री का टिकट कंफर्म हो गया, तीन का नाम वेटिंग लिस्ट में रह गया। तीनों वेटलिस्टेड पैसेंजर्स ने यात्रा नहीं किया और आईआरसीटीसी की साइट पर रिफंड के लिए टीडीआर दाखिल कर दिया।


रेलवे की तरफ से नहीं मिला रिफंड

रेलवे के नियमों के मुताबिक और सामान्य प्रक्रिया में टीडीआर रिफंड 90 दिनों में आ जाना चाहिए। लेकिन संदीप को यह नहीं मिला। इसके बाद पीड़ित ने आईआरसीटीसी को मेल किया, तब भी रिफंड नहीं मिला। करीब एक साल बाद, पांच सितंबर 2013 को पीड़ित ने रेलवे को लीगल नोटिस भेजा पर इसका कोई असर नहीं दिखा। इसके बाद उन्होंने हार कर कंज्यूमर फोरम का दरवाजा खटखटाया।

क्या कहा कंज्यूमर फोरम ने

यह वाद दिल्ली के District Consumer Disputes Redressal Commission-VI में दायर किया गया था। कार्यवाही के दौरान आईआरसीटीसी ने बताया कि वह केवल रेलवे यात्री आरक्षण प्रणाली (पीआरएस) तक पहुंच प्रदान करता है और रिफंड मामलों में इसकी कोई भूमिका नहीं है। फोरम की अध्यक्ष पूनम चौधरी और सदस्यों बारिक अहमद और शेखर चंद्रा ने मामले पर 04.01.2024 को फैसला सुनाया। कंज्यूमर कोर्ट ने रिफंड वापस करने के लिए दोनों ओपी को संयुक्त रूप से और अलग-अलग उत्तरदायी ठहराया।

यह भी कहा

कंज्यूमर फोरम ने चार सप्ताह के अंदर रेलवे रिफंड देने का निर्देश दिया। यह भी कहा गया कि रिफंड के साथ ही पिछली तारीख से तक भुगतान होने तक 7% प्रति वर्ष की दर से ब्याज भी दिया जाए। साथ ही यह भी कहा कि चार सप्ताह में इसका कंप्लायेंस नहीं होता है तो पीड़ित को प्रति वर्ष 12% की बढ़ी हुई ब्याज का भुगतान करना होगा। शिकायतकर्ता को अतिरिक्त रूप से मुकदमा खर्च के रूप में 25,000 रुपये देने का भी आदेश दिगा गया है।





अन्य महत्वपुर्ण खबरें

 05 August 2026
नई दिल्ली: कई बार हमारे पास कोई प्रॉपर्टी बेचकर या किसी दूसरी जगह से बड़ी रकम आ जाती है। अगर पैसों की तुरंत जरूरत ना हो तो, उस रकम को…
 05 August 2026
नई दिल्ली: आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में लिए गए फैसलों के बारे में थोड़ी देर में जानकारी देंगे। उससे पहले आज शेयर बाजार…
 05 August 2026
नई दिल्ली: अगर आपका किसी तरह का लोन चल रहा है तो थोड़ी देर में आपके लिए जरूरी खबर आने वाली है। नीतिगत दरों पर फैसला करने के लिए आरबीआई…
 05 August 2026
मुंबई: बेंगलुरु की हॉस्पिटल चेन चलाने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ एंटरप्राइजेज Manipal Health Enterprises के शेयर आज इश्यू प्राइस से 11% प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए। यह जहां बीएसई पर…
 01 August 2026
मुंबई: विदेशी मुद्रा भंडार के मोर्चे पर भारत की स्थिति अभी कुछ बेहतर हुई है। यह लगातार चौथा सप्ताह रहा जबकि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दिखी है।…
 01 August 2026
मुंबई: वेलोरा इम्पैक्ट लिमिटेड (BSE: 531257) ने इस साल की पहली तिमाही में अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कंपनी को पहले प्रतीक्षा केमिकल्स लिमिटेड (Vellora Impact Ltd) के नाम से…
 01 August 2026
नई दिल्ली: अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता एल्युमीनियम मेटल (Vedanta Aluminium Metal) ने चालू वित्त वर्ष की जून (पहली) तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। मजबूत राजस्व वृद्धि…
 01 August 2026
नई दिल्ली: भारत के सकल वस्तु एवं सेवा कर (GST) संग्रह में जुलाई 2026 के दौरान जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सरकार की ओर से शनिवार को जारी मासिक…
 31 July 2026
नई दिल्ली: केंद्र सरकार देश के छात्रों के लिए पढ़ाई का खर्च आसान करने के लिए एजुकेशन लोन के नियमों में बड़ी ढील देने जा रही है। सरकार का टारगेट…
Advt.