ऑटो और एयरोस्पेस कंपनियों को इंजीनियरिंग सर्विसेज देने वाली टाटा टेक्नोलॉजीज टाटा मोटर्स की सहयोगी कंपनी है। ओएफएस के तहत कुल 6.08 करोड़ शेयरों की बिक्री की जाएगी। पेरेंट कंपनी टाटा मोटर्स 4.62 करोड़ शेयर बेचेगी जबकि अल्फा टीसी होल्डिंग्स 97.1 लाख और टाटा कैपटिल ग्रोथ फंड 48 लाख तक शेयरों की बिक्री करेगी। देश के सबसे बड़े औद्योगिक घराने टाटा ग्रुप का करीब दो दशक बाद पहला आईपीओ है। इससे पहले टाटा ग्रुप 2004 में टीसीएस का आईपीओ लेकर आया था।
वेंचूरा ने टाटा टेक्नोलॉजीज के आईपीओ को सब्सक्राइब करने की सलाह ही दी है। उसका कहना है कि ग्लोबल इकॉनमी में रिकवरी की उम्मीद, मैन्यूफैक्चरिंग कैपेक्स में तेजी और चाइना प्लस वन पॉलिसी को देखते हुए आने वाले दिनों में कंपनी की परफॉरमेंस मजबूत होने की उम्मीद है। Arihant Capital ने भी इसे खरीदने की सलाह दी है।
टाटा टेक्नोलॉजीज के इश्यू का रिटेल इन्वेस्टर्स के साथ-साथ विदेशी निवेशकों को भी बेसब्री से इंतजार है। यही वजह है कि आईपीओ की सुगबुगाहट के साथ ही ग्रे मार्केट में टाटा टेक्नोलॉजीज के अनलिस्टेड शेयरों की डिमांड भी काफी बढ़ गई है। अभी ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम 355 रुपये पर पहुंच गया है जो इसका प्राइस बैंड से 71 परसेंट अधिक है। यानी मार्केट इसके 855 रुपये पर लिस्ट होने की उम्मीद कर रहा है।
साल 1994 में स्थापित टाटा की यह कंपनी ऑटो और एयरोस्पेस कंपनियों को इंजीनियरिंग सर्विसेज देती है। पुणे की इस कंपनी में टाटा मोटर्स की 74.69 फीसदी हिस्सेदारी है। इसी तरह 8.96 फीसदी हिस्सेदारी अल्फा टीसी और 4.48 फीसदी हिस्सेदारी टाटा कैपिटल ग्रोथ फंड की है। टाटा संस के मौजूदा चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के कार्यकाल में यह टाटा ग्रुप का पहला आईपीओ है।
दिसंबर 2022 तक नौ महीने की अवधि में कंपनी का रेवेन्यू 15 परसेंट बढ़कर 3,052 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी के कुल रेवेन्यू में सर्विस सेगमेंट का योगदान 88 परसेंट है। इस दौरान कंपनी का नेट प्रॉफिट 407 करोड़ रुपये रहा। सितंबर, 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी के कर्मचारियों की संख्या 12,451 थी। JM Financial, Citigroup Global Markets India और BofA Securities India इस आईपीओ के लिए लीड मैनेजर हैं जबकि Link Intime India Private Limited रजिस्ट्रार है।
टाटा टेक्नोलॉजीज के आईपीओ में एक लॉट 30 शेयरों का है। यानी रिटेल इन्वेस्टर को कमा से कम 15,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस इश्यू में 10 परसेंट कोटा टाटा मोटर्स के पात्र शेयरहोल्डर्स के लिए रखा गया है। 50 परसेंट कोटा क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बिडर्स के लिए, 14 परसेंट नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स के लिए और 35% रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए है। सफल इन्वेस्टर्स के लिए शेयरों का आवंटन 27 नवंबर को हो सकता है जबकि लिस्टिंग 29 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर होने की संभावना है।