गिरवी रखने पड़े मकान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बायजू को बचाने के लिए रवींद्रन को बेंगलुरु स्थित दो घर और एक निर्माणाधीन विला गिरवी रखना पड़ा है। वह व्यक्तिगत स्तर पर 40 करोड़ डॉलर का कर्ज ले चुके हैं। इसके लिए उन्होंने कंपनी में अपने सारे शेयर दांव पर लगा दिए हैं। अब उनके पास कैश नहीं बचा है।फाइनेंशियल ईयर 2022 में बायजू की पेरेंट कंपनी को 8,245 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था जबकि कंपनी ने अब तक फाइनेंशियल ईयर 2023 का लेखाजोखा घोषित नहीं किया है। हाल में खबर आई थी कि मनिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के चेयरमैन रंजन पई आकाश इंस्टीट्यूट में सबसे बड़े शेयरहोल्डर बन गए हैं। बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न ने 2021 में आकाश इंस्टीट्यूट को 95 करोड़ डॉलर में खरीदा था।
