52 हफ्ते के लो पर पहुंचा रिलायंस का शेयर लेकिन हर स्टॉक पर हो सकती है कमाई, जानिए कैसे
Updated on
03-03-2025 02:48 PM
नई दिल्ली: देश की सबसे वैल्यूएबल कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के शेयरों में आज शुरुआती कारोबार में भारी गिरावट आई और यह 52 हफ्ते के लो पर पहुंच गया। बीएसई पर यह 3.63% की गिरावट के साथ 1156.00 रुपये पर आ गया। इससे कंपनी के मार्केट कैप में करीब 56,000 करोड़ रुपये की गिरावट आई है। इस बीच ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक रिलायंस न्यू एनर्जी लिमिटेड (RNEL) पर बैटरी सेल प्लांट स्थापित करने में नाकाम रहने के कारण लिए 14 मिलियन डॉलर से अधिक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। यह प्लांट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के PLI कार्यक्रम के तहत आयात निर्भरता को कम करने के प्रयास का हिस्सा था।
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय शेयरों को बेच रहे हैं जिससे घरेलू बाजार में लगातार गिरावट आई है। पिछले कुछ हफ्तों में विदेशी निवेशकों ने कड़ी मौद्रिक नीतियों, भू-राजनीतिक तनाव और मजबूत अमेरिकी डॉलर की चिंताओं के कारण भारतीय शेयर बाजार से पैसा निकाला है। इसका असर रिलायंस के शेयरों पर भी देखा गया है। पिछले छह महीनों में रिलायंस के शेयरों में 23% गिरावट आई है और यह अपने उच्चतम स्तर 1,608.95 रुपये से 28% नीचे है।
टारगेट प्राइस
हाल के महीनों में विदेशी निवेशक भारतीय शेयरों में लगातार बिकवाल रहे हैं। इससे RIL जैसे बड़ी कंपनियों के शेयरों पर दबाव पड़ा है। नतीजतन कंपनी के बाजार पूंजीकरण में गिरावट आई है, जो भारतीय बाजारों में व्याप्त बिकवाली की भावना को दर्शाता है। रिलायंस का मार्केट कैप अब 15,69,146.30 करोड़ रुपये रह गया है। जानकारों का कहना है कि आने वाले हफ्तों में RIL की रिकवरी के लिए FII के निवेश में स्थिरता और मैक्रोइकनॉमिक इंडिकेटर्स महत्वपूर्ण होंगे। कोविड के बाद पहली बार रिलायंस का शेयर 200 वीक के मूविंग एवरेज से नीचे आया है। एनालिस्ट्स के अनुमानों के आधार पर देखें तो इसका एवरेज टारगेट प्राइस 1,827 रुपये है जो इसके मौजूदा रेट से 36% ज्यादा है।
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