उधर, रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद संयुक्त बयान जारी नहीं होने के लिए अमेरिका को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि अमेरिका और ब्रिटेन यूक्रेन विवाद का शांतिपूर्ण समाधान नहीं चाहते हैं। उन्होंने बतौर जी-20 अध्यक्ष भारत की भूमिका को सराहा। लावरोव ने कहा कि भारत एक बड़ी वैश्विक शक्ति बनने का दावेदार है। चीन के विदेश मंत्री ने रूस के रुख का समर्थन किया। उधर फ्रांस, जर्मनी और अन्य यूरोपीय देशों के विदेश मंत्री भी यूक्रेन के मुद्दे पर अमेरिका के साथ खड़े दिखे।
