चंद्रमा पर बिखरे मोती बुझाएंगे अंतरिक्ष यात्रियों की प्यास! मिला अरबों टन पानी, हल हुई विज्ञान की सबसे बड़ी पहेली?
Updated on
28-03-2023 07:30 PM
बीजिंग : क्या अंतरिक्ष में जीवन संभव है? क्या चंद्रमा पर पानी मौजूद है? ये कुछ ऐसे सवाल हैं जिनके जवाब लंबे समय से वैज्ञानिक खोज रहे हैं। इनके जवाब धरती पर इंसानों का जीवन हमेशा के लिए बदल सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि उन्होंने चंद्रमा पर अरबों टन पानी की खोज कर ली है जो सतह पर बिखरे कांच के छोटे-छोटे मोतियों में कैद है। यह चंद्रमा की सतह पर भविष्य की इंसानी गतिविधियों के लिए बहुमूल्य संसाधन का एक संभावित भंडार साबित हो सकता है। धरती का इकलौता प्राकृतिक उपग्रह लंबे समय से सूखा है। लेकिन पिछले कुछ दशकों से कई मिशनों में यह देखा जा चुका है कि चंद्रमा पर पानी मौजूद है, सतह पर भी और खनिजों के रूप में भी।
वैज्ञानिकों ने सोमवार को कहा कि 2020 में चीन के रोबोटिक Chang'e-5 मिशन के दौरान धरती पर लाई गई चंद्रमा की मिट्टी की जांच से पता चलता है कि कांच के इन गोलों के भीतर पानी के अणु मौजूद हैं जो चंद्रमा की सतह पर सौर हवा की क्रिया के माध्यम से बनते हैं। नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित रिसर्च के को-ऑथर और प्लैनेटरी साइंटिस्ट सेन हू ने कहा, 'चंद्रमा पर लगातार बमबारी होती रहती है और छोटे-बड़े ऐस्टरॉइड गिरते रहते हैं। ये हाई-एनर्जी फ्लैश-हीटिंग घटनाएं ग्लास बीड्स (कांच के मोतियों) का उत्पादन करती हैं।'
वैज्ञानिकों ने सोमवार को कहा कि 2020 में चीन के रोबोटिक Chang'e-5 मिशन के दौरान धरती पर लाई गई चंद्रमा की मिट्टी की जांच से पता चलता है कि कांच के इन गोलों के भीतर पानी के अणु मौजूद हैं जो चंद्रमा की सतह पर सौर हवा की क्रिया के माध्यम से बनते हैं। नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित रिसर्च के को-ऑथर और प्लैनेटरी साइंटिस्ट सेन हू ने कहा, 'चंद्रमा पर लगातार बमबारी होती रहती है और छोटे-बड़े ऐस्टरॉइड गिरते रहते हैं। ये हाई-एनर्जी फ्लैश-हीटिंग घटनाएं ग्लास बीड्स (कांच के मोतियों) का उत्पादन करती हैं।'
कांच के गोलों में कैसे बनता है पानी?
सौर हवा आवेशित कणों, मुख्य रूप से प्रोटॉन और इलेक्ट्रॉनों की एक धारा होती है जो सूर्य के वायुमंडल के सबसे बाहरी भाग, कोरोना से बाहर की ओर निकलती है। हू ने कहा, 'सौर हवा से पैदा होने वाले पानी का उत्पादन कांच के मोतियों की सतह पर मौजूद ऑक्सीजन के साथ सौर हाइड्रोजन की प्रतिक्रिया से होता है। भविष्य के मून मिशन के लिए और चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों के लंबे समय तक रुकने के लिए पानी बेहद अहम है, न सिर्फ पीने के लिए बल्कि ईंधन के रूप में भी।
अंतरिक्ष यात्रियों को कैसे मिलेगा पानी?
शोधकर्ता कांच के मोतियों से पानी हासिल करने की उम्मीद में हैं। हू ने कहा, 'हम इन कांच के मोतियों को गर्म करके उनमें जमा पानी को प्राप्त कर सकते हैं।' पृथ्वी पर चंद्रमा की मिट्टी के नमूने लेकर आने वाला कैप्सूल इनर मंगोलिया के उत्तरी चीनी क्षेत्र में उतरा था। Chang'e-5 मिशन में करीब 1.7 किग्रा मिट्टी और कांच के 32 मोती इकट्ठा किए गए थे जो 10 से सैकड़ों माइक्रोमीटर चौड़े थे। कांच के मोतियों में वजन के हिसाब से प्रति मिलियन लगभग 2,000 भागों तक पानी की मात्रा पाई गई।
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