सुप्रिया सुले CM और आदित्य डिप्टी सीएम, पवार और उद्धव की डील के बाद टूटी शिवसेना? बावनकुले का दावा
Updated on
19-06-2023 07:17 PM
मुंबई: महाराष्ट्र बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष चंद्रशेखर बावनकुले के एक दावे से राज्य में फिर सियासत गर्म हो गयी है। अपने दावे में बावनकुले ने शिवसेना में पिछली साल हुई बगावत की असल वजह बताई है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे और शरद पवार ने एक नया सियासी फॉर्मूला तैयार कर लिया था। जिसके मुताबिक सुप्रिया सुले को साल 2024 में राज्य का मुख्यमंत्री और आदित्य ठाकरे को उपमुख्यमंत्री बनाने की बात तय की गई थी। जब यह बात शिवसैनिकों को पता चली तो उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया और बाद में शिवसेना के 40 विधायकों ने बगावत की थी। इसकी वजह से महाराष्ट्र की तत्कालीन महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गयी थी। इस डील के विषय में विस्तार से बात करते हुए चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि महाविकास अघाड़ी सरकार में उद्धव ठाकरे पांच साल तक मुख्यमत्री बने रहेंगे।
जबकि साल 2024 के चुनाव के बाद सुप्रिया सुले मुख्यमंत्री बनेंगी और आदित्य ठाकरे को डिप्टी सीएम बनाया जायेगा। बावनकुले के दावे पर यकीन करें तो यह भी कहा गया था कि आगामी चुनाव में शिवसेना के निर्वाचित विधायकों की संख्या भी कम होगी।
शरद पवार के टारगेट से डरे शिवसैनिक? चंद्रशेखर बावनकुले ने यह दावा भी किया है कि इस काम के लिए महाविकास अघाड़ी के संयोजक शरद पवार ने पार्टी को चुनाव में 100 विधायक चुनकर लाने का टारगेट भी दिया था। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ उद्धव ठाकरे मंत्रालय नहीं जा रहे थे वहीं अजित पवार बतौर उपमुख़्यमंत्री मंत्रालय में काम कर रहे थे। शरद पवार के इसी टारगेट की वजह से शिवसेना के विधायकों को जीत का डर सताने लगा जो बाद में बगावत के रूप में बदल गया। महाराष्ट्र की सियासत में साल 2022 जून का महीना हमेशा याद रखा जायेगा।
इस महीने शिवसेना में बगावत हुई और आखिर में एकनाथ शिंदे और बीजेपी ने मिलकर महाविकास अघाड़ी सरकार को हटाकर शिंदे- फडणवीस सरकार का गठन किया। इस दौरान पार्टी के 40 विधायकों और 13 सांसदों ने भी उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ दिया। दोनों तरफ से यह जंग चुनाव आयोग से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ी गई।
उद्धव ठाकरे को एक और झटका स्थापना दिन के पहले उद्धव ठाकरे को एक और झटका लगा है। पार्टी की विधायक मनीषा कायंदे ने एकनाथ शिंदे गुट शामिल हो गयी हैं। इस बात की भनक लगते उद्धव ठाकरे ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। वहीं संजय राउत ने कहा कि मैं पार्टी का एक वफादार सिपाही हूं। मनीषा कायंदे जैसे लोग किसी कचरे के सामान हैं। जो हवा का झोंका आते ही उड़ जाते हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन में हजारों लोग पहुंचे, कहीं किसी ने डिजिटल क्रांति से आंदोलन का रुख मोड़ा तो किसी ने भूखे रहकर लेकिन उन्हीं के बीच…
नई दिल्ली: भारत में फॉरेन कंट्रीब्यूशन रेगुलेशन एक्ट (FCRA) उन कानूनों में से एक है जो हर कुछ सालों में चर्चा का विषय बन जाता है। लेकिन क्यों? इस कानून…
नई दिल्ली: नीट-यूजी पेपर लीक के मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई दिनों तक कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में आंदोलन जारी रहा। आखिरकार 25 जुलाई को सरकार झुकी…
नई दिल्ली, लोकसभा में दोपहर 2 बजे से पेपर लीक से जुड़े 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पर चर्चा शुरू हो गई है। इस विधेयक में 2024…
कोयंबटूर: तमिलनाडु की थलपति विजय सरकार ने मेकेदातु बांध को लेकर अपना स्टैंड क्लियर कर दिया है। सरकार का कहना है कि कर्नाटक को प्रस्तावित मेकेदातु बैलेंसिंग रिजर्वॉयर प्रोजेक्ट पर…
इंदौर: चंदन नगर थाना में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को दुष्कर्म के गंभीर आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने सीएम हेल्पलाइन पर…
वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी से एक स्कूल की शिक्षिका की अमानवीयता का मामला सामने आया है। आरोप है कि पांच साल के मासूम के पैंट में पेशाब करना शिक्षिका…