क्वालिटी में सुधार
उन्होंने कहा कि एनबीएफसी की पहुंच उनकी सबसे बड़ी ताकत है। 2047 तक, एनबीएफसी ऋण का कम-से-कम 50 प्रतिशत उच्च-वृद्धि और उच्च-प्रभाव वाले क्षेत्रों के पास होना चाहिए। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंक ऋण पर जोखिम भारांश को फिर से लागू करने और वित्तीय स्थितियों में ढील जैसे हाल के नियामक उपायों से ऋण संभावनाओं में और सुधार होने की उम्मीद है। इससे इस क्षेत्र के लिए कुल मिलाकर वित्तपोषण परिवेश मजबूत होगा।उन्होंने कहा, ‘आरबीआई ने हाल ही में इस क्षेत्र के लिए फंड की लागत कम करने के उपाय किये हैं। इसके साथ मैं एनबीएफसी से इस कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाने का आग्रह करती हूं।’ वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार एक उत्तरदायी नीतिगत माहौल बनाकर एनबीएफसी क्षेत्र का समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध है। कोविड महामारी के बाद से एनबीएफसी की एसेट क्वालिटी में लगातार सुधार हुआ है। इस क्षेत्र का ग्रॉस एनपीए मार्च, 2025 में 3% पर रहा जो मार्च, 2021 में 6.4% पर पहुंच गया था। इसके साथ एनबीएफसी का एसेट्स पर रिटर्न मार्च, 2025 में 2.4% हो गया जो मार्च, 2021 में 1.11% था।
