मौसम खराब होने से पहले आ जाएगा एसएमएस अलर्ट, मौसम विभाग की बड़ी तैयारी!
Updated on
11-05-2023 06:35 PM
नई दिल्ली: जलवायु परिवर्तन की वजह से बिगड़ रहे मौसम के मिजाज का असर पिछले कुछ सालों से दिखाई दे रहा है। लोग भी इस फर्क को महसूस कर रहे हैं। इस साल जहां फरवरी काफी गर्म रही तो वहीं अप्रैल और मई काफी ठंडे रहे हैं। मौसम की इस बदलती चाल से देश के विभिन्न हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं का खतरा भी बढ़ रहा है। यही वजह है कि लोगों को अब इन प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए एनडीएमए (नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी) और मौसम विभाग मिलकर फोन पर एसएमएस अलर्ट देने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, कुछ राज्यों में यह शुरू भी हो चुका है।
एनडीएमए ने मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर के साथ मिलकर इस प्रपोजल पर काम शुरू कर दिया है। राजस्थान और अन्य कुछ राज्यों में एनडीएमए की तरफ से अर्ल्ट मिलने भी लगे हैं। एनडीएमए के अनुसार अब देश भर में इसकी जरूरत है। इसलिए हम ऐसा सिस्टम तैयार कर रहे हैं कि सभी लोगों को उनके इलाकों में यदि खराब मौसम होने वाला है तो आगाह किया जा सके।
प्लान करने में होगी आसानी नैशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के जॉइंट सैकेट्री कुणाल सत्यार्थी ने बैंगलुरू में आयोजित क्लाइमेट ट्रैंड की एक वर्कशॉप में कहा कि इस तरह के अर्ल्ट लोगों को मिल जाए तो वह अपने प्लान उसी अनुरूप बना सकते हैं। लोगों को समय मिलेगा कि वह अपने कीमती सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर चले जाएं। इसी वजह से इस पर काम किया जा रहा है।
इससे लेकर एनडीएमए, मौसम विभाग और होम मिनिस्ट्री की मीटिंग भी हो चुकी है। यह तय हो चुका है कि जैसे ही मौसम विभाग किसी जिले या राज्य या रिजन के लिए अर्ल्ट जारी करेगा उस क्षेत्र के लोगों को यह जानकारी एसएमएस अर्ल्ट के रूप में मिल जाएगी।
अफवाहों से बचने में मिलेगी मदद इस एसएमएस में लोगों के लिए कुछ सलाह भी होगी। जैसे वह उस मौसम से बचने के लिए क्या कर सकते हैं या उन्हें क्या नहीं करना चाहिए। मिली जानकारी के अनुसार इसका मतलब यह है कि यदि आप साइक्लोन प्रभावित क्षेत्र में है और साइक्लोन आने की वार्निंग है तो बजाय देश भर के लोगों को एसएमएस भेजने के उसी क्षेत्र के लोगों को यह एसएमएस मिलेगा। यदि कोई छोटा इलाका लू या शीत लहर ही चपेट में है तो पूरे रिजन की बजाय प्रभावित जोन के लोगों को यह एसएमएस मिलेगा।
अधिकारियों के अनुसार अक्सर प्रकृतिक आपदाओं के समय सोशल मीडिया पर प्रकृतिक आपदाओं को लेकर अफवाहें फैल जाती हैं। लोगों के बीच गलत जानकारियां आ जाती हैं। ऐसे में इस अर्ल्ट के जरिए लोगों को इन अफवाहों से भी बचाया जा सकेगा। अधिकारियों ने कहा कि इस सर्विस के जरिए लोगों को वैदर अपडेट नहीं मिलेगा बल्कि उन्हें तभी यह नोटिफिकेशन मिलेगा जब उनके यहां मौसम खराब होने वाला हो और संभावना हो कि उसकी वजह से लोग प्रभावित हो सकते हैं।
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