संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी कृष्ण गोपाल ने कहा है कि पाकिस्तान की भुखमरी के दौरान भारत उन्हें गेहूं भेज सकता है। कृष्ण गोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह हैं। इसे किसी संगठन के जॉइंट सेक्रेटरी जैसा पद माना जा सकता है। कृष्ण गोपाल ने कहा कि पाकिस्तान में आटा 250 रुपए किलो हो गया है। हमें यह देखकर दुख होता है। हम उन्हें आटा भेज सकते हैं। भारत पाकिस्तान को 25-50 लाख टन गेहूं भी दे सकता है, लेकिन वह मांगता ही नहीं है। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर कहा कि 70 साल पहले वह हमारे साथ ही था। अफसोस के स्वर में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इस दूरी का क्या फायदा है। हम तो चाहते हैं कि उनके यहां कोई कुत्ता भी भूखा ना रहे।
कृष्ण गोपाल संघ के सबसे पुराने चेहरों में रहे हैं। करीब दो साल पहले तक कृष्ण गोपाल राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी के बीच समन्वय का जिम्मा संभालते थे। उन्होंने आगरा यूनिवर्सिटी से एनवायरन्मेंट साइंस में मास्टर डिग्री ली है। इसके बाद काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च से पीएचडी भी की। वह उत्तर प्रदेश के मथुरा के रहने वाले हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में अलग-अलग जगह संघ का काम देखा है। उसके बाद उन्हें नॉर्थ ईस्ट में संघ का जिम्मा देखने का दायित्व दिया गया। कृष्ण गोपाल नॉर्थ ईस्ट में करीब नौ साल तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक रहे। उन्हें साल 2012 में संघ का सह सरकार्यवाह बनाया गया। अक्टूबर 2014 में उन्हें संघ और बीजेपी के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई। समन्वय के हिसाब से यह सबसे महत्वपूर्ण काल माना गया था, क्योंकि तब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने थे।
वह सात सालों तक संघ और बीजेपी के बीच समन्वय का जिम्मा संभालते रहे। दो साल पहले 2021 में उन्हें इस जिम्मेदारी से मुक्त किया गया और अरुण कुमार को संघ और बीजेपी के बीच कोऑर्डिनेशन का काम सौंपा गया। संघ इस वक्त मुस्लिम समुदाय में भी आउटरीच कर रहा है। मुस्लिम समुदाय की कई जानी-मानी हस्तियों सहित मौलानाओं से संघ के पदाधिकारियों की मीटिंग हो रही है। कृष्ण गोपाल भी इन मीटिंग्स का हिस्सा हैं। वह संघ की तरफ से दूसरे पदाधिकारियों के साथ मिलकर मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों से बातचीत कर सहमति के बिंदुओं तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। वह इस कवायद के सबसे अहम व्यक्ति हैं। उनका ताजा बयान भी उसी कवायद का हिस्सा माना जा रहा है।
